स्पेशल जज अरुण भारद्वाज ने आय से अधिक संपत्ति मामले में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन की अंतरिम जमानत की अवधि एक महीने बढ़ा दी है। अदालत ने उनकी पत्नी पूनम जैन और कारोबारी सहयोगियों को भी राहत दी है।
उन्हें 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती देने होंगे। सीबीआई ने इस मामले में जैन के साथ पत्नी और सहयोगियों को आरोपी बनाया है। ये लोग अदालत की मंजूरी के बिना अपने जमा खातों से पैसा नहीं निकाल पाएंगे।
अदालत ने आरोपियों की नियमित जमानत अर्जियों पर दलीलें सुनने के लिए 6 जुलाई की तारीख तय की है। अदालत ने कहा है कि उसके आदेश के बिना सीबीआई आरोपियों के फिक्स्ड डिपॉजिट रिसीट (एफडीआर) से पैसे रिलीज न करे।
अदालत आरोपियों की जमानत याचिका और सीबीआई की ओर से सौंपे गए दस्तावेज में खामियों पर दलीलें अगली तारीख पर सुनेगी। अदालत के समन पर आरोपी के तौर पर पेश हुए सत्येंद्र जैन और दूसरे आरोपियों ने 20 मई को जमानत याचिका दायर की थी। इस पर सीबीआई को नोटिस करते हुए अदालत ने अंतरिम जमानत दे दी है।
अदालत ने पिछले साल दिसंबर महीने में दायर सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सत्येंद्र जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन, कारोबारी सहायकों अजीत प्रसाद जैन, वैभव जैन, सुनील कुमार जैन और अंकुश जैन को बतौर आरोपी समन किया था।
सीबीआई ने जैन पर 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 के बीच अपनी आय से परे अज्ञात स्रोतों से 1.47 करोड़ से ज्यादा संपत्ति जुटाने का आरोप लगाया है। जांच एजेंसी ने 24 अगस्त 2017 में यह केस दर्ज किया था।