राजधानी के बाजारों में एनर्जी ड्रिंक्स की मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि इन पेय में मौजूद कैफीन व टॉरिन जैसे पदार्थ एरिदमिया को जन्म दे सकते हैं।
एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करने से रक्तचाप में वृद्धि हो सकती है और हृदय की लय बाधित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि एनर्जी ड्रिंक्स के प्रति युवाओं में चलन ज्यादा है। हार्ट केयर फाउंडेशन ने इनसे बचने की सलाह भी दी है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि आमतौर पर यह पेय किशोर और युवा वयस्कों द्वारा उपयोग किए जाते हैं। दो से अधिक एनर्जी ड्रिंक्स लेने से हृदय को नुकसान पहुंच सकता है। कभी-कभी दिल की दर तेज या धीमी हो जाती है। यह शरीर के विभिन्न अंगों को अपर्याप्त रक्त की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर सकता है।
एरिदमिया आमतौर पर एक बीमार हृदय में होता है और अक्सर छिपा हुआ रह सकता है। समय पर इसका चेकअप कराना चाहिए, वरना यह जीवन के लिए घातक हो सकता है।
उन्होंने 80 का सूत्र देते हुए कहा कि इससे व्यक्ति अपनी सेहत का बचाव कर सकता है। इसके तहत लो ब्लड प्रेशर, लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल) बैड कोलेस्ट्रॉल, फास्ट शुगर, हार्ट रेट और पेट के निचले हिस्से को 80 से नीचे रखें, किडनी और फेफड़े के कार्य 80 प्रतिशत से ऊपर रखें, अनुशंसित मात्रा में शारीरिक गतिविधि (न्यूनतम 80 मिनट प्रति सप्ताह जोरदार व्यायाम) में व्यस्त रहें।
इसके अलावा प्रतिदिन 80 मिनट पैदल चलें, कम से कम 80 कदम प्रति मिनट की गति से 80 मिनट प्रति सप्ताह पैदल चलना चाहिए। कम भोजन और प्रत्येक बार भोजन में 80 ग्राम या एमएल कैलोरी लेना अनिवार्य है। अपने कानों में लगाए हैडफोन में आवाज का स्तर 80 डीबी से कम रखें।
इन प्रयासों से काफी हद तक स्वास्थ्य को सुरक्षा कवच दिया जा सकता है। मैक्स अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. विवेका कुमार का कहना है कि ऊर्जा पेय में कैफीन, टॉरिन और अन्य उत्तेजक पदार्थों का काफी उच्च स्तर होता है। इनके दुष्प्रभावों पर हमेशा बहस होती रही है। ये पेय बीपी और लंबे समय तक क्यूटी अंतराल में वृद्धि के कारण अचानक हृदय मृत्यु का खतरा बढ़ा सकते हैं।