नंद नगरी इलाके में सोमवार रात पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त शाहनवाज उर्फ शानू (24) के रूप में हुई है। पुलिस से झड़प होने के बाद नंद नगरी थाना पुलिस ने शानू व उसकी पत्नी ममता उर्फ मानसी (22) को ईआरवी (इमरजेंसी रिस्पोंस व्हीकल) जिप्सी में बिठा लिया था।
पुलिस अधिकारियों की मानें तो अचानक जिप्सी में तबीयत बिगड़ने से उसकी उसकी मौत हो गई। वहीं, परिजनों का आरोप है कि जिप्सी में डालने से पूर्व शानू को सात-आठ पुलिस कर्मियों ने बुरी तरह पीटा था।
इसी की वजह से उसकी मौत हुई। वारदात को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मंगलवार को नाराज परिजनों ने जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी पर जमकर हंगामा किया। शानू सुल्तानपुरी थाने का बीसी था। फिलहाल वह जेल से पैरोल पर बाहर आया था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक मूलरूप से बाल्मीकि बस्ती, भूड़ चौराहा, बुलंदशहर का रहने वाले शानू ने दो विवाह किए थे। वह फिलहाल दिल्ली में सुल्तानपुरी इलाके में रहता था। उसकी पहली पत्नी नीलोफर बच्चों के साथ रोहिणी में रहती है। शानू सोमवार को बुलेट बाइक से ममता को उसके मायके लेकर आया था।
परिवार बोला पुलिस ने ही मार डाला उसे
वहां शाम को लौटते समय जब वह नंद नगरी ट्रैफिक सिग्नल पर पहुंचा तो उसने देखा कि ईआरवी में उसकी जानकार फरहा और उसके पति शमशाद को पुलिस नंद नगरी थाने ले जा रही थी। शानू की इसी बात पर ईआरवी में मौजूद पुलिसकर्मियों से कहासुनी होने लगी।
कहासुनी के बाद पुलिस ने शानू व ममता को भी जिप्सी में बिठा लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकरियों के मुताबिक अचानक नंद नगरी थाने के गेट के सामने शानू की तबीयत बिगड़ गई।
अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर परिवार का आरोप है कि पुलिस से झड़प होने के बाद जिप्सी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने शानू को बुरी तरह पीटा। इतना ही नहीं उन लोगों ने थाने से कुछ और पुलिसकर्मियों को बुला लिया।
काफी देर पीटने के बाद शानू अधमरा हो गया। बुरी तरह घायल होने के बाद उसे जबरन जिप्सी में डाल दिया गया। इसके बाद बजाय अस्पताल ले जाने के उसे थाने ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ममता को मोर्चरी भी ले गई जहां पर उसने मीडिया व अन्य लोगों से बात भी की।
घरवालों ने किया मोर्चरी के बाहर प्रदर्शन
मंगलवार को परिवार ने आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए मोर्चरी के बाद प्रदर्शन किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समझाने बुझाने के बाद परिवार शांत हुआ।
वहीं देर शाम परिवार ने एक बार फिर जीटीबी चौक पर जाम लगाकर हंगामा किया। शानू के पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड के गठन की मांग की गई है। बुधवार को उसके शव का पोस्टमार्टम होगा।
उत्तर पूर्वी जिला पुलिस आयुक्त के मुताबिक परिवार के आरोप बेबुनियाद हैं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल जाएगा, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। रात को ही शानू की पत्नी के मजिस्ट्रेट के सामने बयान करा दिए गए थे।