कांग्रेस व भाजपा द्वारा विदेशी कंपनी से फंड लेने का आरोप लगाने संबंधी याचिका पर हाईकोर्ट ने 28 फरवरी को सुनवाई तय की है।
याचिका में दोनों ही पार्टियों पर तय दिशा-निर्देश व नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उनकी मान्यता रद्द करने की मांग की गई है। याचिका एक एनजीओ ने दायर की है।
एनजीओ ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस व भाजपा ने यूके की कंपनी वेदांता से गैरकानूनी तरीके से फंड लिया है। न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि फंड देने वाली कंपनी यूके में पंजीकृत है और उसका मालिकाना हक भारतीय अनिल अग्रवाल के पास है।
कंपनी में उसके 60 प्रतिशत शेयर है। ऐसे में मुद्दा काफी छोटा सा है और इस पर वे 28 फरवरी से सुनवाई शुरू करेंगे।