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Delhi NCR News: हाईकोर्ट ने सीजीएचएस घोटाले में 6 दोषियों की सजा की निलंबित

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अमर उजाला ब्यूरो
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने सफदरजंग सीजीएचएस लिमिटेड (केंद्रीय सरकारी कर्मचारी आवासीय सोसाइटी) के पुनरुद्धार से जुड़े जालसाजी और साजिश के मामले में दोषी ठहराए गए छह व्यक्तियों की सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया है। न्यायमूर्ति अजय दिगपाल की पीठ ने अश्वनी शर्मा, आशुतोष पंत, मनोज वत्स, करमवीर सिंह, सुदर्शन टंडन और नरेंद्र कुमार को जमानत पर रिहा करने के निर्देश दिए। ये सभी सीबीआई की जांच में दोषी पाए गए थे और ट्रायल कोर्ट ने उन्हें विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई थी।
मामला सफदरजंग सीजीएचएस लिमिटेड के पुनरुद्धार से जुड़ा है। आरोप है कि सोसाइटी के रिकॉर्ड में जालसाजी कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, जिनके आधार पर दिल्ली के धीरपुर में 5000 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन हासिल किया गया। सीबीआई ने आरोप लगाया कि इन व्यक्तियों ने विभिन्न धाराओं के तहत अपराध किया। ट्रायल कोर्ट (स्पेशल जज, पीसी एक्ट, सीबीआई-15, राउज एवेन्यू) ने 13 अक्तूबर 2025 को दोषी ठहराया और 31 अक्तूबर को सजा सुनाई। उसमें अधिकतम पांच साल की सश्रम कारावास और एक लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल था।
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हाईकोर्ट में दाखिल अपीलों में आरोपियों ने तर्क दिया कि दोषसिद्धि मुख्य रूप से हैंडराइटिंग विशेषज्ञ की राय पर आधारित है, जो कमजोर और बिना पुष्टि के है। फैसले में न्यायमूर्ति दिगपाल ने कहा कि अपील में कई तर्कसंगत मुद्दे हैं, जिनकी जांच अंतिम सुनवाई में की जाएगी।
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