याची के वकील कोलिन गोंस्लविस ने कोर्ट के समक्ष कहा कि यह एक राजनीतिक मामला है और सीबीआई ने राजनीतिक दबाव के चलते इस केस में कुछ नहीं किया। सीबीआई ने उन संदिग्ध नौ छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ नहीं की, जिन्होंने नजीब के साथ मारपीट की थी।
सीबीआई ने करीब 18 महीने तक केस की जांच करने के बाद चार सितंबर 2018 को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की बात हाईकोर्ट में कही थी। सीबीआई का कहना था कि वह हर पहलू से जांच कर चुकी है, लेकिन उसे ऐसा कोई सुराग नहीं मिला है कि नजीब के साथ किसी ने कोई अपराध किया है।
गौरतलब है कि जेएनयू में एमएससी का छात्र 15 अक्तूबर 2016 से लापता है। उसकी मां फातिमा नफीस की मांग पर हाईकोर्ट ने केस की जांच 16 मई 2017 को सीबीआई को सौंपी थी।