दिल्ली हाईकोर्ट ने पिता की हत्या के लिए निचली अदालत से उम्रकैद की सजा पाए दोषी की अपील खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि इस बात के ठोस साक्ष्य हैं कि दोषी मनमोहन ने संपत्ति के लिए पिता की गला घोंटकर हत्या की थी।
न्यायमूर्ति प्रदीप नंद राजयोग व न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने हाल ही में दिए फैसले में मनमोहन के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उसे फर्जी मामले में फंसाया गया है और घटना के समय वह घर पर नहीं था। याची ने कहा था कि निचली अदालत का फैसला ठीक नहीं है। अत: इसे खारिज किया जाए।