जाट आरक्षण आंदोलन की भेंट चढ़ी एचटेट परीक्षा के बाद सीटेट परीक्षा के रद्द होने परीक्षार्थियों में काफी रोष व्याप्त है।
परीक्षार्थियों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने से उन्हें पैसे के साथ ही मानसिक कष्ट भी झेलना पड़ता है। बता दें शहर में रविवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की टीजीटी पद के लिए परीक्षा होनी थी। इसके लिए बोर्ड ने 12 केंद्र भी बनाए थे।
लेकिन जाट आरक्षण के आंदोलन के चलते जिला प्रशासन ने बोर्ड को सहयोग करने से साफ मना कर दिया। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस भी नहीं मिल पाई। इसलिए बोर्ड ने शनिवार देर शाम परीक्षा को रद्द कर दिया।
हालांकि परीक्षा रद्द होने की सूचना न मिलने के कारण परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे। लेकिन, परीक्षा केंद्र के गेट पर उन्हें परीक्षा रद्द की सूचना मिली।
परीक्षा रद्द होने के कारण उन परीक्षार्थियों को काफी मायूस होना पड़ा जिन्होंने परीक्षा की तैयारी बखूबी की हुई थी। ऐसे में दोबारा से तैयारी कर परीक्षा देना विद्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब है।
सेक्टर 17 स्थित मार्डन विद्या निकेतन स्कूल में परीक्षा देने पहुंचे मंजू शर्मा, रीना, कमल शास्त्री, सरिता, रोहित, मनवीर और श्यामवीर ने बताया कि परीक्षा रद्द होने से उन्हें दोबारा से तैयारी करनी पड़ेगी। आंदोलन विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। इससे प्रदेश सरकार की छवि भी धूमिल हुई है।