बेशक चुनाव आयोग ने प्रचार के लिए कम समय दिया है, लेकिन इस समय के लिए भी उम्मीदवारों को समर्थक नहीं मिल रहे। कुछ करीबी रिश्तेदार और पड़ोसियों को छोड़ दें तो प्रचार के लिए नेताजी को अपने साथ में घूमने के लिए पैसे देकर समर्थक लाने पड़ रहे हैं।
नेताजी के साथ गली-मोहल्लों में घूमने के लिए 20 से 35 वर्ष के समर्थकों की मांग ज्यादा है। ऐसे समर्थकों को हर दिन 200 से 300 रुपये और खाना-पानी दिया जा रहा है।
अगर समर्थक पढ़ा-लिखा और कद-काठी अच्छी हो तो रकम 500 रुपये तक है। ऐसे समर्थक चुनाव प्रचार के लिए सुबह 10 से 11 बजे निकलते हैं और 4 से 5 बजे घर लौट आते हैं।
मुखर्जी नगर जैसे इलाके में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अलग-अलग राज्यों से छात्र आए हुए हैं। ये भी किसी न किसी तरह से ऐसे उम्मीदवारों की पहुंच में आ गए हैं और जेब खर्च के लिए प्रचार में शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा जेजे क्लस्टर इलाके के ऐसे युवक, जिनकी उम्र 20 से 30 वर्ष है और घर पर बैठे रहते थे, वे भी इन दिनों नेताजी के साथ प्रचार में शामिल होकर पैसे कमा रहे हैं।