बिजली के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को पानी पर श्वेत पत्र जारी किया। पार्टी का कहना है कि बीते दस सालों में दिल्लीवासियों को पानी पिलाने के नाम पर तीस हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए हैं।
इसके बावजूद अब भी बड़ी आबादी टैंकर माफिया के जाल में फंसी है। पार्टी का दावा है कि आप की सरकार समयबद्ध तरीके सभी कॉलोनियों में सीवर और पेयजल लाइन पहुंचाएगी। वहीं, 700 लीटर पानी मुफ्त मिलेगा।
आशीष खेतान ने कहा कि आप की सरकार दिल्ली जल बोर्ड एक्ट में संशोधन करके स्वच्छ पानी के अधिकार का प्रावधान करेगी। जल माफिया का राज समाप्त करके दिल्ली में जल स्वराज लागू किया जाएगा।
सभी को स्वच्छ पानी पीने का अधिकार दिया जाएगा। सभी कॉलोनियों में सीवर और पेयजल की लाइन पहुंचेगी। वाटर और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगेंगे। वहीं, यमुना को साफ करने के लिए विस्तृत योजना बनेगी।
पेयजल की क्या है मौजूदा हालत
2021 तक दिल्ली की आबादी 2.3 करोड़ होगी। फिलहाल 33.41 लाख घरों में से सिर्फ 20 लाख तक पाइप लाइन है। वहीं, करीब 50 लाख टैंकर, बोरवेल, नदी, नहर और तालाब के साथ दूसरे जलस्रोतों पर निर्भर हैं।
दिल्ली में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। भूमिगत जल की गुणवत्ता खराब है। दक्षिण पश्चिम और उत्तर पश्चिम दिल्ली में भूजल में खारापन बढ़ रहा है, जबकि कई स्थानों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा मानक से अधिक है।
पार्टी का मानना है कि पेयजल सप्लाई कुप्रबंधन का शिकार है। भ्रष्टाचार की वजह से डीजेबी को सालाना 1000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। करीब 350 मिलियन गैलन अपशिष्ट जल रोजाना बर्बाद होता है।
श्वेत पत्र की क्या है खास बातें
स्वच्छ पानी लोगों का मौलिक अधिकार बनेगा।
700 लीटर मुफ्त पानी मिलेगा।
पांच साल में सभी कॉलोनियों तक पानी व सीवेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
नए बूस्टर, पंपिंग स्टेशन और वाटर ट्रीटप्लांट लगेंगे।
मुनक नहर में पानी लाने केलिए केंद्र और हरियाणा सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
जल संरक्षण के लिए कारगर योजना बनेगी।
यमुना नदी को साफ किया जाएगा।