हरियाणा रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी की 16 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल के ऐलान का बुधवार को मिला-जुला असर दिखा। यूनियन कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद डिपो से सिटी बसें और लंबे रूट की बसें चलती रहीं। हालांकि बसों में परिचालक नहीं थे।
सिटी बसों ने बिना परिचालक मुफ्त में यात्रियों को सफर करवाया। एहतियातन बसों में पुलिस जवानों को भेजा गया। वहीं दूसरी ओर यूनियन कर्मचारी डिपो के बाहर विरोध-प्रदर्शन करते रहे। वहीं कस्बा सोहना में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल विफल रही।
रोडवेज कर्मी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। सभी रूटों पर बसें नियमित रूप से चलीं। हड़ताल के कारण रेवाड़ी डिपो की केवल दो बसे ही सोहना बस स्टैंड पर पहुंचीं। सोहना बस अड्डा इंचार्ज गणेशी लाल ने बताया कि सभी रूटों पर रोडवेज बसों का चलना लगातार जारी रहा।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का बसों पर कोई खासा असर नहीं दिखा। रोज की तरह रोडवेज डिपो से बसें चलती रहीं। बसों को बिना परिचालक ही शहर में चलाया गया। किसी यात्री से किराया नहीं लिया गया। हालांकि बसें तय समय पर नहीं चल सकीं।
इस कारण यात्रियों को थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद सिटी बसों के साथ लंबे रूट की चंडीगढ़, भिवानी, पलवल, कटरा, रेवाड़ी आदि जिलों के लिए बसें चलने लगी। रोडवेज यार्ड इंचार्ज राजबीर के अनुसार बुधवार को आम दिनों से ज्यादा किलोमीटर बसें चलीं।
शाम तक सभी बसें सही तरीके से चलने लगी। हड़ताल के बावजूद भी डिपो से करीब 247 बसें दो शिफ्ट में निकलीं। दूसरी ओर जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त मुनीष शर्मा और पुलिस अधिकारी भी डिपो में बैठक करते रहे।