आईएमटी मानेसर जमीन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) को अलॉट हुई जमीन पर कब्जा लेने गई टीम की बोलेरो गाड़ी पर अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग कर दी।
जिसमें एचएसआईआईडीसी के पटवारी की मौत हो गई जबकि कार का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के वक्त पटवारी व ड्राइवर कार में बैठे हुए थे।
दोनों को आईएमटी मानेसर के रॉकलैंड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर पटवारी की मौत हो गई। ड्राइवर की हालत नाजुक है। केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
आईएमटी मानेसर में 912 एकड़ जमीन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से अब तक एचएसआईआईडीसी ने कब्जा नहीं लिया हुआ। मंगलवार दोपहर अधिकारी, पटवारी व अन्य कर्मचारियों की टीम उक्त जमीन पर कब्जा लेने पहुंची थी। अभी जमीन पर फसल लगी हुई है।
manesar murder
- फोटो : अमर उजाला
इसे हटाने के लिए टीम तैयारी के साथ गई थी। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने छह राउंड फायरिंग कर दी। गोली हिसार निवासी पटवारी ईश्वर (47) व मोहम्मदपुर अहीर निवासी कार ड्राइवर बिरेंद्र (35) को लगीं।
ईश्वर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, बिरेंद्र का इलाज चल रहा है। फायरिंग के बाद टीम के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। वहीं हमलावर हाईवे से होकर फरार हो गए।
आईएमटी मानेसर में गांव मानेसर, नौरंगपुर व नखड़ौला की 912 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। बाद में मिलीभगत कर इस जमीन को बिल्डर के हवाले कर दिया गया था।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। जिसके बाद 12 मार्च 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने 912 एकड़ पर फैसला सुनाते हुए 444 एकड़ जमीन का कब्जा लेने के आदेश एचएसआईआईडीसी को आदेश जारी कर दिए थे।
कोर्ट के फैसले के बाद भी हुआ था खेल
घटना स्थल पर पुलिस
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13 मार्च को तहसील का रिकॉर्ड अपडेट होना था लेकिन इसे करीब एक माह बाद 10 अप्रैल को अपडेट किया गया। इसी दौरान 7 मई को दो रजिस्ट्री की गईं। जिससे भ्रष्टाचार व मिलीभगत का खेल शुरू हो गया। इसके बाद भी करीब 10 रजिस्ट्रियां की गईं।
इस समयावधि में सरकारी जमीन की 90 रजिस्ट्रियां हुईं। इनमें कुछ जमीन पारिवारिक रूप से ट्रांसफर भी हुई हैं। 10 मई को इस मामले की जांच के दौरान तत्कालीन डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने मानेसर तहसील में रजिस्ट्री क्लर्क को निलंबित व कंप्यूटर ऑपरेटर को बर्खास्त कर दिया था। तहसीलदार पर विभागीय कार्रवाई की गई।
कोट
राजेश कुमार, डीसीपी मानेसर: अज्ञात हमलावरों के खिलाफ ड्राइवर बिरेंद्र की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।