1.इस आंदोलन के बारे में देश में ये झूठ फैलाया जा रहा है कि यह बिचौलियों का आंदोलन है किसानों का नहीं। आप साफ देख सकते हैं जहां तक नजर जाती है यहां कितने किसान, कितने बिचौलिए और कितने आढ़तिए हैं। यह झूठ इसलिए फैलाया जा रहा है ताकि आंदोलन को कमजोर किया जा सके।
2. देश में दूसरा झूठ ये फैलाया जा रहा है कि बेचारे किसानों को तो कुछ पता ही नहीं है उन्हें बरगलाया जा रहा है। अब पंजाब के बच्चे-बच्चे को पता है कि कृषि कानूनों की क्या सच्चाई है। अब इस तरह की बातें बंद होनी चाहिए।
3. सिर्फ पंजाब के किसानों का आंदोलन है। लेकिन ये पूरे देश का आंदोलन है। पूरे हरियाणा में पंचायतें हो रही हैं। पंजाब के किसान इस लड़ाई में अगुवा हैं लेकिन सब जुटे हुए हैं। यूपी गेट पर भी उत्तराखंड और यूपी के किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।
4. इनके नेता का पता नहीं है, कौन नेतृत्व कर रहा कुछ पता ही नहीं है। कहां से आ गई ये भीड़ किसी को पता नहीं। कोई लीडरशिप नहीं है ये बात गलत है। राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त किसान मोर्चा एक महीने पहले बना जिसकी लीडरशिप में ये आंदोलन चल रहा है, जिसमें अनेकों संगठन जुड़े हैं। लीडरशिप है, कोई ये न कहे कि अराजक आंदोलन है। देश के तमाम किसान संगठन इससे जुड़े हैं।
5. राजनीतिक पार्टियों की तरफ से आंदोलन हो रहा है। ये गलत है। इन्हीं किसानों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ भी मोर्चा खोला था और अब ये मोदयी सरकार के खिलाफ हैं। इसलिए ये कहना कि ये किसी राजनीतिक पार्टी का आंदोलन है गलत है।