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CWG पदक विजेता को सरकार ने दिया धोखा

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अंतरराष्ट्रीय शूटर अनीसा सैय्यद के साथ राज्य सरकार ने एक बार फिर धोखा किया है। कैबिनेट की बैठक में खेल विभाग का असिस्टेंट डायरेक्टर बनाने की घोषणा के बाद सरकार मुकर गई है। खेल विभाग की ओर से अनीसा को भेजे गए पत्र से तो यही जाहिर हो रहा है।
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इस पत्र के मुताबिक विभाग चाहता है कि अनीसा शूटिंग कोच (प्रशिक्षक) की नौकरी ज्वाइन करें। इस कागज को देखकर अनीसा और उनके पति मुबारक दोनों का पारा चढ़ गया।

दोनों ने सरकार के इस व्यवहार पर नाराजगी जताई है। अनीसा का कोच के रूप में नौकरी ज्वाइन करना नामुमकिन है। मुबारक का कहना है कि अनीसा तो पहले असिस्टेंट डायरेक्टर का पद भी ग्रहण नहीं कर रही थी। फिर काफी विचार-विमर्श के बाद इस पद को स्वीकार किया। लेकिन सरकार अब अपने वादे से मुकर रही है।
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क्या लिखा है नये पत्र में

खेल और खिलाड़ियों की बात करने वाले मुख्यमंत्री से उन्हें ऐसी उम्मीद नहीं थी। खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के महानिदेशक की ओर से भेजे गए इस पत्र में कहा गया है कि ‘आपका चयन इस विभाग में शूटिंग प्रशिक्षक के तौर पर आपकी खेल उपलब्धियों के आधार पर हुआ है। इससे पूर्व कि आपको नियुक्ति पत्र जारी किया जाए, आप अपनी शैक्षणिक योग्यताओं एवं खेल उपलब्धियों के मूल प्रमाण पत्र विभाग को तुरंत जमा करवाएं ताकि इनकी वेरीफिकेशन संबंधित संस्था से करवाई जा सके’।

यह पत्र मिलने के बाद अनीसा को समझ में आ गया है कि उन्होंने भले ही बड़ी से बड़ी प्रतियोगिताओं में सटीक निशाना लगाया हो लेकिन हरियाणा में उपलब्धियों के मुताबिक नौकरी पाना आसान नहीं है। अनीसा की नौकरी के लिए लड़ाई लड़ने वाले ऑल इंडिया मुस्लिम मेव विकास परिषद के उपाध्यक्ष मौलाना जमालुद्दीन का कहना है कि असिस्टेंट डायरेक्टर का पद देने की घोषणा करके कोच का पद देना सरेआम धोखा है।

सरकार को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। उल्लेखनीय है कि मौलाना ने अनीसा को खेल विभाग में डिप्टी डायरेक्टर या पुलिस में डीएसपी बनाने की मांग को लेकर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी शकील अहमद से भी मुलाकात की थी। लेकिन उनकी सिफारिश भी हुड्डा सरकार के चार वर्ष पुराने निर्णय को बदल न सकी।
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