फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यपाल के सामने खोली यूनिवर्सिटी की पोल

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश के नए राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी के पहली बार शहर पहुंचने पर वाईएमसीए यूनिवर्सिटी में जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे सवाल-जवाब किए। जिसमें विद्यार्थियों ने राज्यपाल के सामने ही यूनिवर्सिटी की पूरी पोल पट्टी खोल कर रख दी।
विज्ञापन


विद्यार्थी अमित श्योराण, शुभम, साक्षी एवं सुनील ने कहा कि यूनिवर्सिटी का परिसर बहुत छोटा है। इससे काफी दिक्कत होती है। यूनिवर्सिटी में 2700 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा लेते है, लेकिन यहां पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है।

छात्रावास इतना जर्जर हो चुका है कि उसमें रहना खतरे से खाली नहीं है। महिला सुरक्षा के नाम पर इस सरकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कोई भी इंतजाम नहीं है।
विज्ञापन


हैरानी की बात यह है कि छात्रावास में जिस प्रकार का खाना विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जा रहा है उसकी क्वालिटी इतनी घटिया है कि खाना खाया नहीं जाता।

वाइस चांसलर ने छात्र को प्रश्न पूछने से रोका

यूनिवर्सिटी परिसर में तकनीकी प्रशिक्षण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इक्यूपमेंट का हमेशा टोटा बना रहता है। जबकि सरकार की ओर से बार-बार दावा किया जाता है कि तकनीकी शिक्षा के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया जा रहा है।

खेलों को प्रोत्साहित करने की बात तो दूर कभी कोई आयोजन नहीं हुआ। इन सवालों को सुनकर पहले तो राज्यपाल ने विद्यार्थियों को व्यवस्था सुधारवाने का आश्वासन दिया।

उसके बाद वाइस चांसलर रिटायर्ड लेफ्टिनेंट केएस यादवा और रजिस्ट्रार डॉ. शिमला की ओर इशारा कर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद वाइस चांसलर ने विद्यार्थियों को बीच में टोकते हुए अच्छे सवाल पूछने को कहा।
विज्ञापन

भ्रष्टाचार के सवाल को टाल गए राज्यपाल

जब वाइस चांसलर ने छात्र को अच्छे प्रश्न पूछने को कहा तो विद्यार्थियों ने पहले तो भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे पर सवाल किया। जिसे राज्यपाल ने यह कहकर टाल दिया कि यह मुद्दा को पूरे देश का है।

जिस पर विद्यार्थी संतुष्ट नहीं दिखे। विद्यार्थियों ने कहा कि यह सेंट्रलाइज यूनिवर्सिटी है। जिसके सारे फैसले यूनिवर्सिटी के बाहर ही हो जाते हैं। यह कितने शर्म की बात है कि आज तक यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट काउंसिल तक का गठन नहीं किया जा सका है। ऐसे में कैसे यहां की समस्याओं का समाधान होगा।

इस पर राज्यपाल गोलमोल जवाब देते हुए सीट छोड़ दी और जाने लगे। जाते-जाते इतना अवश्य कहा कि यूनिवर्सिटी का अपग्रेडेशन होना है। जल्द ही जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें