मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को गुड़गांव के भांगरौला-कांकरौला में आयोजित विकास रैली में जिले को 19 सौगातें दीं। उन्होंने गांव कांकरौला में एक विश्वविद्यालय, मानेसर में कन्या महाविद्यालय, बादशाहपुर में अस्पताल, गांव भांगरौला और खटोला में खेल स्टेडियम, पटौदी चौक के पास फ्लाईओवर निर्माण और शहर में कई जगहों पर मल्टी लेवल पार्किंग समेत कई अन्य घोषणाएं कीं।
बता दें कि बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और कैबिनेट मंत्री नरबीर सिंह ने 24 घोषणाओं की सूची प्रस्तुत की था, जिसमें से पांच मांगों को छोड़कर मुख्यमंत्री ने शेष पर अपनी सहमति दे दी।
रैली में मुख्यमंत्री ने बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 15 करोड़, जबकि और गुड़गांव, पटौदी व सोहना विधानसभा क्षेत्र के लिए 10-10 करोड़ रुपये दिए।
विधानसभा क्षेत्र को 200 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए
मनोहर लाल खट्टर विकास रैली
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
मुख्यमंत्री ने सेक्टर-4 और 53 में सांस्कृतिक भवनों का निर्माण, गांव वजीराबाद में सामुदायिक केंद्र, नगर निगम द्वारा पंचायत भवन का निर्माण, आबकारी एवं कराधान कार्यालय का निर्माण, गुड़गांव में 83 एकड़ में नया बस स्टैंड व वर्कशाप, जस्टिस टावर और चंदू वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार की भी घोषणा की।
मनोहर लाल ने कहा कि बिना जनसभा किए गुड़गांव व आसपास के क्षेत्र में विकास कराए जा रहे हैं। इसके लिए अभी तक 471 करोड़ रुपये जारी कराए जा चुके हैं। पिछले वर्ष राज्य का बजट 69000 करोड़ रुपये था।
प्रदेश के विकास को देखते हुए इस बार इसे बढ़ाकर 88000 करोड़ रुपये कर दिया गया। इससे प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को 200 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए अधिक प्राप्त होंगे।
विकास कार्यों में पारदर्शिता के लिए सोशल ऑडिट व्यवस्था
मनोहर लाल खट्टर विकास रैली
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
विकास कार्यों में पारदर्शिता के लिए सोशल ऑडिट व्यवस्था लागू की जा रही है। जिसमें सरपंच समेत समाज के गण्यमान्य लोगों को शामिल कर उनकी व्यवस्था की जा रही है, ताकि विकास में पारदर्शिता आ सके।
मुख्यमंत्री ने विकास रैली में गुड़गांव को सुपर स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही। इसके लिए उन्होंने 1000 एकड़ पर अलग से एयरोसिटी बसाने की घोषणा की। गुड़गांव समेत दक्षिण हरियाणा में विकास की गंगा बहाने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की पानी, सीवरेज जैसी मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने की योजना तैयार की गई है।
जल्द ही इसका असर दिखेगा। सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने ओलावृष्टि और जाट आंदोलन में उपद्रवियों से प्रभावित लोगों को जल्द मुआवजा देने की बात कही। मुख्यमंत्री के साथ कई कैबिनेट मंत्री, मुख्य संसदीय सचिव, विधायक और पार्टी के कई नेता मौजूद थे।