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घरों में बर्तन धोने वाली मां का बेटा गौरव बना जिला टॉपर, इंजीनियर बन रोशन करना चाहता है मां-बाप का नाम

Sat, 11 Jul 2020 06:05 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

  • गौरव- 495 अंक लेकर बना जिले का टॉपर
  • पिता बढ़ई, मां घरेलू सहायिका-ने मेहनत से पढ़ाया गौरव को
  • इंजीनियर बन घर की आर्थिक स्थिति को ठीक करना चाहता है गौरव
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हरियाणा दसवीं बोर्ड परीक्षा में गुरुग्राम जिले में टॉप करने वाला गौरव अपने परिवार के साथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिता बढ़ई, मां घरेलू सहायिका, न खुद का मकान, बिना किताब दोस्तों और शिक्षकों की मदद से ही जिले को टॉप करने वाला है गौरव। सेक्टर-9 अम्बेडकर निवासी गौरव ने 495 अंक प्राप्त कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। गौरव सेक्टर 4-7 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का छात्र है। उनके घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब  है। बिना ट्यूशन ही स्वअध्ययन से यह उपलब्धि हासिल की है।

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पिता सुरेश राना बढ़ई का काम करते हैं तो मां शांति दूसरों के घरों में बर्तन धोती है। मां की यही स्थिति गौरव से सही नहीं जाती है। अपनी मां को अच्छा जीवन देने के लिए गौरव ने दिन रात एक कर पढ़ाई की और जिले में टॉप किया है। जब भी उनका पढ़ाई में मन नहीं लगता तो वह सिर्फ एक बार अपनी मां की तरफ देखते और फिर पढ़ने बैठते।

गौरव बताते हैं कि दसवीं की परीक्षा से पहले ही उनके पिता सुरेश राना का एक्सीडेंट हो गया था। स्थिति इतनी खराब हुई कि घर में पढ़ाई छोड़नें की बातें उठने लगी लेकिन पिता ने अपने बेटे काबीलियत को समझा और स्कूल जाने दिया। बेटे गौरव ने भी पिता का नाम आगे किया। 

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गौरव ने बताया कि वह इंजीनियर बनना चाहता है। वह घर की आर्थिक स्थिति को ठीक करना चाहता है।  घर की दशा को देखते हुए दसवीं कर लेना ही एक सपने की तरह था वहीं जिले को टॉप कर लेना बहुत कुछ हासिल करने के बराबर है। 

हार्ड वर्क से ज्यादा करता हूं स्मार्ट वर्क
गौरव ने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि वह हार्ड वर्क से ज्यादा स्मार्ट वर्क में विश्वास करते हैं। वह कामों को विभाजित करते हैं। रात में नींद नहीं आए उसके लिए सबसे रुचि का विषय रात को पढ़ते हैं। वहीं कम रुचि का विषय दिन में या कक्षा में पढ़ते हैं। वह स्कूल से तीन बजे आने के बाद चार बजे से छह बजे तक घर पर पढ़ता फिर रात को नौ बजे से बारह बजे तक पढ़ता। सुबह घर में मां की मदद करने के साथ में पढ़ाई करता था।

अंक मिले
अंग्रेजी- 99
गणित- 100
सामाजिक विज्ञान- 98
विज्ञान-  99
संस्कृत- 99
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