शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे अपनी पत्नी को लेकर अपने घर आया, जबकि तीनों बेटियों को किराए के मकान में छोड़ दिया। अवैध संबंध की बात को लेकर उसका सीमा से झगड़ा हुआ। इस दौरान तैश में आकर उसने गला घोंटकर सीमा की हत्या कर दी और फिर शव के 10-12 टुकड़े करने के बाद सेप्टिक टैंक में डाल दिया। इसके बाद सुबह थाने पहुंचकर आरोपी ने पत्नी के चरित्र पर शक होने की वजह से हत्या की बात कबूल की है।
मोबाइल पर बात करने से हुआ था शक
आशु ने बताया कि सीमा अक्सर मोबाइल फोन पर बात करती रहती थी। उसका फोन हर समय व्यस्त मिलता था। ऐसे में उसे शक था कि वह किसी से बातचीत करती है। उसने काल डिटेल जांच करने की कोशिश की लेकिन फोन लॉक होने की वजह से ऐसा नहीं कर पाया। इससे उसका शक और बढ़ गया। इसी बात पर दोनों में अक्सर मारपीट होने लगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आशु ने अपनी पत्नी पर कई संगीन आरोप लगाए हैं।
सीमा के भाई संतोष ने बताया कि आशु ने रात साढ़े दस बजे फोन कर सीमा की हत्या किए जाने की बात कही और फोन बंद कर दिया। आशु की बात सुनकर उसकी सास चमेली देवी सन्न रह गई लेकिन उसे लगा कि दामाद उसके साथ मजाक कर रहा है। ऐसे में उसने घर के अन्य सदस्यों को कुछ भी नहीं बताया। सुबह बेटी के पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने चमेली देवी के परिवार वालों को सारी बात बताई।
मायके वाले ने दहेज हत्या का मामला बताया
सीमा के परिजनों ने दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने बताया कि आशु उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। वह अक्सर मायके से उसे नकदी व सामान लाने के लिए कहता था। मना करने पर उससे मारपीट करता था। उधर, पड़ोसियों ने बताया कि उन लोगों ने सीमा को घर आते हुए देखा था लेकिन हत्या किए जाने के समय कोई चीख नहीं सुनी।