गढ़ में दो माह पहले छह वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी दलपत को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) वीना नारायन ने दोषी मानते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 2.25 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। कोर्ट ने जुर्माने की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता के परिजनों को देने के आदेश दिए हैं।
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) हरेंद्र त्यागी ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर के एक गांव निवासी व्यक्ति ने छह अगस्त 2020 को थाने में दी तहरीर दी थी कि उसकी छह वर्षीय बेटी भाई के साथ घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति बाइक पर आया और बेटी का अपहरण कर ले गया। अगली सुबह बच्ची गांव के बाहर जंगल में गंभीर हालत में मिली थी। जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी।
पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। बाद में आरोपी की पहचान दलपत पुत्र रोहताश, निवासी ग्राम महमूदपुर, थाना गजरौला, जिला अमरोहा के रूप में हुई। मामले में 16 सितंबर 2020 को पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। 22 कार्य दिवस में सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने धारा 363, धारा 367ए, बी और पॉक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत दलपत को दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक) की सजा सुनाई है। दोषी पर 2.25 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड में से 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता के परिजनों को देने के भी आदेश दिए हैं।
इन धाराओं में हुई सजा -
-आईपीसी की धारा 363 में सात वर्ष सश्रम कारावास व 25 हजार का अर्थदंड।
-आईपीसी की धारा 376ए,बी के तहत सश्रम कारावास व एक लाख रुपये का अर्थदंड।
-पॉक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत सश्रम कारावास, जिसका अभिप्राय अंतिम सांस तक होगा व एक लाख रुपये का अर्थदंड।