मिर्जापुर गांव में किसान इस्लाम के घर में शनिवार देर रात करीब सवा दो बजे आग लगा दी गई। आरोप है कि पांच बदमाश छत से जीने के जरिये मकान में घुसे और ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी।
लाखों की सोने-चांदी की ज्वेलरी, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और नगदी जल गई। चीख-पुकार सुनकर आए गांववालों ने आग बुझाई। रविवार सुबह डकैती के बाद आग लगाने का हल्ला मचा, मगर परिजनों ने लूट से इनकार किया। एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
इस्लाम और उनके भाई बबलू ने बताया कि जिस वक्त वारदात हुई, परिवार के पुरुष सदस्य घर में नहीं थे। महिलाएं सोई हुई थीं। घर में छत से जीने के रास्ते घुसे पांच बदमाशों ने आग लगाई। धुआं फैल गया। लपटें निकलने लगीं।
चीख-पुकार सुनकर हुजूम लग गया तो आरोपी भाग गए। लोगों ने आग बुझाई। आग में बैड, सोफा, अलमारी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, अलमारी में रखी सोने-चांदी की ज्वेलरी और करीब 10 हजार कैश जल गया।
उन्होेंने बताया कि पहले लगा था कि शायद ज्वेलरी लूटी गई है, मगर बाद में जली हुई ज्वेलरी वहीं मिल गई। सोने की ज्वेलरी पूरी तरह से जल चुकी है, जबकि चांदी की ज्वेलरी ठीक हो जाएगी।
रविवार दोपहर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। एसओ अवधेश यादव ने बताया कि पीड़ित परिवार ने घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। जांच की जा रही है।
घरों में नहीं सो रहे पुरुष
पुलिस की दबिश के डर से पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना नहीं दी गई। लोगों का कहना है कि पिछले दिनों दरोगा के साथ हुई मारपीट मामले के बाद से पुलिस लोगों को परेशान कर रही है, लिहाजा गिरफ्तारी के डर से पुरुष सदस्य रात में घरों में नहीं सोते हैं।