लॉकडाउन के दौरान अस्पतालों ने गैर जरूरी सर्जरी को टाल दिया था, लेकिन देश के अनलॉक होते ही सर्जरी और ओपीडी सेवाएं तेजी से सामान्य हो रही हैं।
कोविड डेडिकेटेड अस्पतालों को छोड़कर शेष अस्पताल अपनी सामान्य रूटीन पर लौट रहे हैं। एम्स अस्पताल ने पहले ही अपने मरीजों को नई तारीख देकर बुलाना शुरू कर दिया था।
सफदरजंग, आरएमएल और लेडी हार्डिंग में सर्जरी के साथ-साथ ओपीडी सेवाएं भी शुरू हैं। प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए अलग वार्ड्स बनाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी सामान्य मरीजों का इलाज पहले की तरह चल रहा है।
हालांकि, कोरोना संक्रमण का खौफ अभी भी लोगों पर भारी है और सभी अस्पतालों में मरीजों के आने की दर अभी भी आधे से कम बनी हुई है।
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) के अध्यक्ष गिरीश त्यागी के मुताबिक डीएमए से जुड़े 700 अस्पतालों में कोरोना काल में भी आवश्यक सर्जरी का काम चल रहा था, लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए गैर जरूरी सर्जरी को टाल दिया गया था।
अब इस समय सर्जरी की सेवाएं लगभग सामान्य हो चुकी हैं। सभी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं भी लगातार चल रही हैं। हालांकि, लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी अभी लोग अस्पतालों तक आने में झिझक रहे हैं। कई जरूरी सेवाओं में अभी भी आधे से कम क्षमता पर काम हो रहा है।
डीएमए ने दिल्ली सरकार को अपनी सेवाएं देने का प्रस्ताव भी किया है। अगर सरकार कम्युनिटी हॉल्स, बारात घर, होटल्स और अन्य संस्थाओं को कोरोना मरीजों की सेवा के लिए अपने अधिकार में लेने का फैसला करती है, तो संस्था के 700 अस्पताल और 15 हजार डॉक्टर सरकार को अपनी सेवाएं देने को तैयार हैं।
इसके लिए सरकार को लिखित प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के जॉइंट सेक्रेटरी अमृतपाल सिंह ने कहा कि सभी प्राइवेट अस्पतालों में जरूरी सर्जरी की जा रही हैं।
लॉकडाउन के दौरान लोगों की आवाजाही पूरी तरह से बाधित रहने के दौरान गैर जरूरी मामलों को आगे के लिए टाल दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी इस दौरान बेहद आवश्यक सेवाओं को जारी रखा गया था।
लॉकडाउन खुलने के बाद अब स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और लोगों का इलाज हो रहा है।
जहां तक ओपीडी सेवाओं की बात है, कोविड डेडिकेटेड अस्पतालों के मरीजों को आसपास के अस्पतालों में जाने के लिए कह दिया गया था। गुरुतेग बहादुर अस्पताल को पूरी तरह कोरोना के लिए समर्पित करने के बाद ओपीडी सेवाओं के लिए लोगों को दिलशाद गार्डेन के स्वामी दयानंद अस्पताल में शिफ्ट किया गया था।
इसी प्रकार एलएनजेपी के मरीजों को आरएमएल के लिए शिफ्ट किया गया जहां कोविड काल में भी ओपीडी सेवाएं जारी रहीं।