इसके लिए बीते सप्ताह लिखित निर्देश भी जारी कर दिए हैं। लेकिन सूत्रों की मानें तो लंबी छुट्टियों की वजह से एम्स की तरह केंद्र के बाकी अस्पतालों में भी इलाज को लेकर एक जैसी स्थिति रह सकती है।
बहरहाल, हर साल अवकाश के चलते अस्पतालों में मरीजों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एम्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मरीजों की लंबी वेटिंग को ध्यान में रखते हुए ही स्टाफ को दो चरणों में छुट्टी पर रखा गया है।
बताया जा रहा है कि जो डॉक्टर पहले या दूसरे चरण में अवकाश पर जाने वाले हैं, उन्होंने मरीजों की ऑपरेशन डेट भी उसी के अनुसार आगे बढ़ा दी हैं।
सूत्र बता रहे हैं कि न्यूरोलॉजी, मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थो, पीडिएट्रिक्स और ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट में ऑपरेशन की डेट 15 जुलाई के बाद रखी जा रही हैं। जबकि ऑनलाइन ओपीडी भी इन विभागों की कमी कर दी जाएगी।
एम्स प्रबंधन ने सभी विभागों से अवकाश पर जाने वाले डॉक्टरों की जानकारी मांगी है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने पहले ही ग्रीष्मकालीन अवकाश को लेकर सभी विभागों को 50 फीसदी डॉक्टरों की उपस्थिति अनिवार्य रखने के निर्देश दे दिए हैं।