18 दिसंबर को ज्ञानोदय एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखा दी गई। इस ट्रेन में लगभग 900 लोग सवार हैं। सवारियों में स्टूडेंट सहित कुछ टीचर भी शामिल हैं। यह ट्रेन अगले 11 दिन तक भ्रमण करेगी और 29 दिसंबर को अपनी यात्रा समाप्त करेगी।
असल में भारत के सुदूर में स्थित सात राज्य जिन्हें सेवन सिस्टर भी कहा जाता है को देश की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरु किए गए प्रयास को दिल्ली यूनिवर्सिटी आगे बढ़ा रही है।
इस प्रयास के तहत ज्ञानोदय एक्सप्रेस 18 दिसंबर को 900 सवारियों के साथ रवाना हुई। यह ट्रेन नॉर्थ ईस्ट के सात राज्यों अरूणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम से गुजरेगी।
इस यात्रा का मकसद छात्रों सहित लोगों को यह बताना है कि भारत के राष्ट्रीय आंदोलन में नॉर्थ ईस्ट के लोगों का क्या योगदान है।
(फोटो साभार: मेल टूडे)