गुरुग्राम जिला 48 हजार से ज्यादा कोरोना मरीजों के साथ संक्रमण के मामले में प्रदेश में पहले पायदान पर बना हुआ है, मगर जिले के ग्रामीणों के लिए राहत की बात यह है कि कुल संक्रमितों में से ग्रामीण इलाकों के सिर्फ 12 फीसदी मरीज शामिल हैं। जिले में 88 फीसदी मरीज गुरुग्राम, सोहना व मानेसर के शहरी क्षेत्रों से हैं।
जिले में 48 हजार से भी ज्यादा मरीज कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, जिसमें से ग्रामीण क्षेत्र के छह हजार से भी कम लोग कोरोना की चपेट में आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ग्रामीण इलाकों से संक्रमण की चपेट में आए लोगों में से 80 फीसदी से ज्यादा स्वस्थ हो चुके हैं। ग्रामीण इलाकों में से भी वही लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, जो शहरी क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के शुरुआत से अब तक के आंकड़ों के मुताबिक पटौदी में सबसे ज्यादा करीब 3600 मरीज संक्रमित हुए हैं, जबकि दूसरे स्थान पर सोहना विकासखंड है जहां करीब 1800 लोग कोरोना की जद में आए हैं, वहीं फर्रुखनगर में संक्रमण का प्रकोप सबसे कम है, जहां करीब 600 लोग कोरोना की चपेट में आए हैं।
युवाओं में संक्रमण का प्रकोप ज्यादा:
जिले में शुरू से ही युवाओं में संक्रमण का प्रकोप ज्यादा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 48 हजार मरीजों में करीब 30 हजार संक्रमित 21 से 50 वर्ष के आयु वर्ग के बीच के हैं। वहीं पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में संक्रमण की दर काफी कम है।
अब तक करीब 30 हजार पुरुष व करीब 18 हजार महिलाएं संक्रमण की चपेट में आई हैं। कोरोना संक्रमण के मामले में सिर्फ गुरुग्राम ही नहीं, बल्कि प्रदेश के आंकड़े कमोबेश यही हैं। 28 नवंबर तक प्रदेश में 147594 पुरुष व 83105 महिलाएं संक्रमण की चपेट में आ चुकी हैं।
वहीं, मरने वालों में 1618 पुरुष व 756 महिलाएं शामिल हैं। प्रदेश में एक ट्रांसजेंडर की भी कोरोना के चलते मौत हुई है। अगर जांच की बात करें तो पिछले शनिवार को प्रदेश में एक दिन में सबसे ज्यादा 121227 लोगों की कोविड जांच की गई, जिसमें से 25 हजार से ज्यादा जांच सिर्फ गुरुग्राम जिले में ही की गई है।