केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर आंदोलनरत पंजाब के किसान संगठनों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। किसान संगठन बुराड़ी के निरंकारी मैदान जाने की जगह दिल्ली की पांच सीमाओं से अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। किसान संगठनों की योजना दिल्ली को उत्तर प्रदेश व हरियाणा की तरफ से घेराव कर आंदोलन को तेज करने की है।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए पंजाब के करीब 31 किसान संगठनों ने सिंघु बार्डर पर लंबी बैठक की। इसमें चर्चा का केंद्र बिंदु केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का वह प्रस्ताव था, जिसमें उन्होंने बातचीत करने से पहले बार्डर से हटकर निरंकारी मैदान जाने की बात कही थी। किसान प्रतिनिधियों ने तय किया वह निरंकारी मैदान नहीं जाएंगे। इसकी जगह दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर डटे रहेंगे।
सिंघु बार्डर पर शाम करीब पांच बजे मीडिया के सामने अपनी रणनीति बताते हुए भारतीय किसान युनियन (राजेवाल) के प्रधान बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की शर्त अपमानजनक है। किसान बुराड़ी मैदान में नहीं जाएंगे। वह ओपन जेल है। इसके हक में राजेवाल ने दावा किया कि उत्तराखंड के तेजिंदर सिंह विर्क की अगुआई में किसान दिल्ली के जंतर-मंतर जाना चाहते थे। दिल्ली के प्रशासन और पुलिस ने उनके साथ धोखा किया है। उन्हें जंतर-मंतर न ले जाकर बुराड़ी पार्क में कैद कर दिया।
बलवीर सिंह राजेवाल के मुताबिक, आंदोलन के तेज करने के लिए किसान दिल्ली की हर तरफ से घेराबंदी करेगे। सिंघु व टिकरी बार्डर के अलावा दिल्ली-जयपुर हाईवे, मथुरा-आगरा से दिल्ली हाईवे, दिल्ली-गाजियाबाद हाईवे जाम करेंगे। किसानों का धरना 5 सीमाओं पर चलेगा। किसानों ने ट्रैक्टर-ट्राली को घर जैसा बना रखा है। अगर 4 महीने भी हमें रोड पर बैठना पड़े, तो बैठ लेंगे।