जापानी तकनीक से साइबर सिटी का ट्रैफिक कंट्रोल होगा। ऑटोमैटिक सेंसर सिस्टम से पूरे वाहनों को आने-जाने के लिए रास्ता दिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम एक जापानी कंपनी के साथ मिलकर खाका तैयार कर रहा है। जापानी कंपनी से नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित बजट मांगा। कंपनी द्वारा बजट देने के बाद इस पर सरकार से अनुमति मांगी जाएगी। विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि इस योजना से साइबर सिटी के चौराहों से पर लगने वाले जाम से वाहन चालकों को मुक्ति मिलेगी।
साइबर सिटी के चौराहों पर अब शहरवासियों को रेड लाइट पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए निगम ने जापान की क्योसाब कंपनी द्वारा हर चौक पर ऑटोमैटिक सेंसर सिस्टम लैस सिग्रल लाइट लगाई जाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया है। इसमें प्रत्येक सिग्रल लाइट पर सीसीटीवी कैमरा भी लगा होगा। चौक पर लगे सिग्रल पर सेंसर वाहनों की संख्या का आंकलन करेगा। उसके बाद सेंसर सिग्रल पर लगी रेड लाइट को ऑटोमैटिक ग्रीन कर देगा। जिससे वाहन बिना रूके ही चौक को आसानी से गुजर सकेंगे।
इन सभी सिग्रल का अलग से एक कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। जिसमें शहर में हर गतिविधि पर नजर भी रखी जा सकेगी। इस योजन के लागू होने से जहां एक तरफ वाहन चालकों के ईंधन में बचत होगी। वहीं दूसरी तरफ उनके समय में भी बचत होगी। सेंसर कहां लगेगा और इसका इस्तेमाल कैसे किया जाए, निगम द्वारा इसे लेकर सभी चौक-चौराहों का सर्वे किया जाएगा।
इमरजेंसी वाहनों को मिलेगा जल्दी रास्ता
जापानी कंपनी द्वारा प्रस्तावित योजना में इमरजेंसी वाहनों को तवज्जो दिया जाएगा। ऑटोमैटिक सेंसर सिग्नल में ऐसा सिस्टम भी होगा जिससे एंबुलेंस और अग्रिश्मन की गाड़ी को आसानी से रास्ता मिल जाएगा। निगम के एसडीओ (बिजली) सौरभ नैन कहते हैं अभी जो रेड लाइटों में समय फीड किया गया है। जहां वाहन चालकों को 10 से 15 मिनट चौक पर खड़ा रहना पड़ता है। नया सेंसर सिस्टम लगने के बाद रेड लाइट पर ज्यादा देर तक नहीं खड़ा रहना पड़ेगा।
ऑटोमैटिक सेंसर सिस्टम सिग्रल को लेकर जापान की क्योसाब कंपनी से बात चल रही है। इस योजना पर लगने वाले खर्च का ब्यौरा कंपनी से मांगा गया है। उसके बाद इस योजना पर काम शुरू किया जाएगा।
-राजीव यादव, अधीक्षण अभियंता (बिजली), नगर निगम