गुरुग्राम में कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
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कोविड-19 के एंटीबॉडीज का पता लगाने के लिए जिले में मंगलवार को सीरो सर्विलांस सर्वे किया गया। इसके लिए हाई रिस्क जोन के अंतर्गत आने वाले 92 लोगों से नमूने लिए गए। सर्वे के माध्यम से पता लगाया जाएगा कि लोगों में कोरोना संक्रमण के एंटीबॉडीज विकसित हुए हैं या नहीं। इस बारे में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि जिले में यह सर्वे का पांचवां चरण है।
इससे पहले यह सर्वे 23 व 25 जून, 7 व 8 जुलाई को किया जा चुका है। इस दौरान 92-92 लोगों से नमूने लिए गए। 7 जुलाई को सिर्फ 85 लोगों से नमूने लिए गए। मंगलवार को सर्वे के लिए तीन अलग-अलग स्थानों पर टीमें लगाई गई।
टीम के सदस्यों ने निर्माणाधीन साइट्स पर कार्यरत मजदूरों, गर्भवती महिलाओं, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को चुना गया, जिनसे नमूने लेकर जांच के लिए बेजा गया। सीएमओ ने बताया कि जिले में आगे भी सीरो सर्विलांस जारी रहेगा, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीरो सर्विलांस की और किट की डिमांड की गई है।
अब तक सर्वे के लिए जिले को मिलीं 5 किट
उन्होंने बताया कि सीरो सर्विलांस के लिए जिले को अब तक इन किट के पांच सैट प्राप्त हुए हैं जिनमें से एक सैट में 92 किट हैं। जिस व्यक्ति को कोरोना का संक्रमण हो जाता है, उसके शरीर में उस बीमारी के खिलाफ एंटीबॉडीज विकसित हो जाती हैं। इसके बनने के बाद व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।
सीरो सर्विलांस के लिए जिले को किटों के पांच सेट प्राप्त हुए हैं जिनमें से प्रत्येक सेट में 92 किट हैं। जिले को 460 किट प्राप्त हुई हैं। खास बात यह है कि सर्विलांस के माध्यम से यह भी आसानी से पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति को पहले कोरोना हुआ है या नहीं। यदि व्यक्ति पहले कोरोना संक्रमित हो चुका है और स्वयं ही ठीक भी हो गया है तो जांच के बाद इसकी पुष्टि हो जाएगी।