गुरुग्राम में इंस्पेक्टर सोनू मलिक को गोली मारने वाले आरोपी को सोमवार देर शाम पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पालम विहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आरोपी की पहचान जींद के गांव कमास खेड़ा निवासी सोमवीर उर्फ चांद उर्फ डेविड उर्फ गोबिंद के रूप में हुई है। आरोपी को संदीप बडबासनी गैंग ने इंस्पेक्टर को मारने की सुपारी दी थी। हत्या कर वह क्षेत्र में सनसनी फैलाना चाहते थे ताकि जिले में अपनी हुकूमत चलाकर रंगदारी व फिरौती वसूल कर सकें। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सोमवीर पर निरीक्षक की हत्या का प्रयास, हत्या, पुलिस की गाड़ी लूटने समेत पांच-पांच मुकदमे दर्ज हैं।
अपराध शाखा को सोमवार दोपहर को सूचना मिली कि सोमवीर बाइक पर धर्म कॉलोनी से मारुति ट्रॉला पार्किंग की तरफ जाएगा। टीम ने नाकेबंदी की। बाइक पर आ रहे सोमवीर को रुकवाने का प्रयास किया तो उसने पुलिस वैन में टक्कर मार दी।
बाइक को मौके पर छोड़कर भागने लगा तो पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया। इस दौरान सोमवीर ने एक राउंड फायर किया, जिसमें पुलिसकर्मी बच गए। पुलिस ने जब इसे घेर लिया तो यह दोबारा पुलिस पर फायर करने ही वाला था कि पुलिसकर्मी ने इसके पैर पर गोली मार दी जिसमें वह नीचे गिर गया। पुलिस ने उसे काबू कर अस्पताल में भर्ती कराया।
पूछताछ में उसने बताया कि उसने 7 सितंबर को अपने साथियों के साथ मिलकर इंस्पेक्टर सोनू मलिक पर पालम विहार में गोली चलाई थी। उसे संदीप बडबासनी गैंग ने सुपारी दी थी। वह गुरुग्राम में अपना सिक्का जमाना चाहता है।
संदीप की सोनू के परिवार के साथ पहले से रंजिश चली आ रही है। संदीप ने सोनू के चाचा की भी हत्या की थी। सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध-1) प्रीतपाल ने बताया कि आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके कब्जे से देसी पिस्तौल, 2 कारतूस समेत बाइक बरामद की है।