भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से सोहना रोड पर बनाए जा रहे पुल का एक हिस्सा शनिवार देर रात डिजाइन की खामियों और सेग्मेंट की खराब गुणवत्ता के कारण गिरा था। एनएचएआई ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भी कमेटी गठित कर अलग से जांच करेगा।
एनएचएआई के सदस्य सचिव आरके पांडेय ने रविवार को क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान तकनीकी टीम समेत तीन पुल डिजाइनर, जीएमडीए और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। आरके पांडेय ने कहा कि प्रारंभिक जांच के मुताबिक, कार्य में लापरवाही हुई और एक सेग्मेंट की गुणवत्ता बेहद खराब लग रही है। डिजाइन में भी खामी लग रही है। इसी कारण यह हादसा हुआ। असलियत की जानकारी के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। टूटे सेग्मेंट के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अशोक शर्मा ने बताया कि सुभाष चौक से भोंडसी तक बनने वाले करीब 9 किलोमीटर लंबे पुल के निर्माण पर 700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह काम ऑरिएंटल स्ट्रक्चर इंजीनियरिंग कंपनी को दिया गया है। सेलमेक कंपनी का डिजाइन स्वीकृत होने के कारण ऑरिएंटल स्ट्रक्चर इंजीनियरिंग कंपनी ने यह काम सेलमेक को देकर करवाया है।
21.66 किलोमीटर लंबे सोहना रोड प्रोजेक्ट को दो हिस्सों में बनाया जाना है। पहले हिस्से में सुभाष चौक से बादशाहपुर तक अंडरपास और एलिवेटेड रोड का निर्माण हो रहा है। 9 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का एक हिस्सा ही शनिवार रात को गिर गया। दूसरे हिस्से में बादशाहपुर से सोहना तक 12.72 किलोमीटर लंबी सड़क बननी है। इस परियोजना की समयसीमा जुलाई 2021 है।
पहले भी क्षतिग्रस्त हुआ था पुल का एक हिस्सा
तीन महीने पहले भी सोहना रोड पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। अधिकारियों ने साख बचाने के लिए डिजाइनर और तकनीकी टीम को मौके पर बुलवाकर इसकी मरम्मत कराई थी। इससे पहले, रामपुरा, हीरो होंडा चौक व गांव पहाड़ी पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।