सरकारी कार्यालयों के अधिकृत अधिकारी अथवा कर्मचारी, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय, वित्त, रक्षा, डाक विभाग, आपदा प्रबंधन और प्रारंभिक चेतावनी देने वाली एजेंसियां, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों अथवा कर्मचारियों को अपना वैध पहचान पत्र दिखाने पर सीमा पार आवागमन की पहले की तरह अनुमति होगी।
परंतु इन्हें आरोग्य सेतु ऐप अपने मोबाइल में इंस्टॉल करना होगा और उसका प्रयोग करना होगा। प्रवेश करते समय सीमा पर इनकी थर्मल स्कैनिंग तथा रोग सूचक स्क्रीनिंग भी की जाएगी। इस दौरान जिन व्यक्तियों में संक्रमण के लक्षण दिखाई देंगे उनके लिए रैपिड टेस्टिंग सुविधा भी उपलब्ध रहेगी ताकि कोरोना वायरस के प्रसार को रोका जा सके।
भारत सरकार या हरियाणा सरकार के अधिकृत अधिकारियों द्वारा जिन्हें मूवमेंट पास जारी किए गए हैं, वे भी सीमा पार आ जा सकेंगे। इसी प्रकार एंबुलेंस, एटीएम कैश वैन, एलपीजी, ऑयल कंटेनर अथवा टैंकर को भी अनुमति होगी।
सब्जियां, फल, अनाज, अंडे, मांस, मुर्गी, दूध, अनाज, दाल और अन्य खाने का सामान आपूर्ति करने वालों, पशुओं और मुर्गी पालन, सूअर पालन आदि के लिए हरा और सूखा चारा आपूर्ति करने वालों, दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और निर्माण के लिए आवश्यक कच्चा माल आदि आपूर्ति करने वालों तथा पीपीई किट, मास्क, दस्ताने, सैनिटाइजर, वेंटीलेटर और इसी प्रकार की वस्तुएं सप्लाई करने वालों को भी आवागमन की अनुमति होगी।
आदेशों में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग या राज्यीय राजमार्ग पर आवश्यक अथवा गैर जरूरी वस्तुओं या माल की ढुलाई करने वाले वाहनों को जिला के अंदर से आने जाने की अनुमति तो होगी लेकिन इन वाहनों को गुरुग्राम जिला की सीमा में खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी। इन सभी की भी प्रवेश करते समय सीमा पर थर्मल स्कैनिंग तथा रोग सूचक स्क्रीनिंग की जाएगी।
ये आदेश 1 मई 2020 को प्रातः 10 बजे से लागू होंगे। जिला की सभी सीमाओं पर स्थापित चेक पोस्ट तथा पुलिस नाकों के माध्यम से ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में इन आदेशों की पालना सुनिश्चित की जाएगी और इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और भारतीय दंड संहिता 1860 के विभिन्न प्रावधानों के तहत आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।