दिल्ली व एनसीआर में प्रदूषण का स्तर अत्यधिक बढ़ने के मद्देनजर जिला प्रशासन ने दिवाली के अवसर पर बेहताशा और विभिन्न जगह जाकर पटाखे छोड़ने वालों पर रोक लगाने की दिशा में कदम उठाए हैं।इस कड़ी में प्रशासन ने जिले में पटाखे छोड़ने के लिए पहली बार स्थान चिंहित किए हैं।
प्रशासन ने आठ स्थानों पर ही दो घंटे तक पटाखे छोड़ने की इजाजत दी है। प्रशासन ने अपने घर एवं अन्य स्थानों पर पटाखे छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने जिला में 14 नवंबर को दिवाली के दिन से पहले व बाद में पटाखे व आतिशबाजी चलाने पर प्रतिबंध लगाया है।
जिले में दिवाली के दिन ही आठ स्थानों पर केवल दो घंटे रात्रि 8 से 10 बजे तक कम प्रदूषण उत्सर्जन करने वाले ग्रीन पटाखे ही चलाए जा सकते हैं। अन्य स्थानों पर पटाखे चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में जिला उपायुक्त अमित खत्री ने आदेश जारी किए हैं।
उपायुक्त ने अपने आदेश का पालन कराने के लिए संबंधित क्षेत्र के एसएचओ की ड्यूटी लगाई गई है। इतना ही नहीं, उनको चेतावनी दी है कि किसी भी जगह उल्लंघन मिलने पर इसे न्यायालय की अवमानना माना जाएगा और उसके लिए थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की सकती है। उन्होंने यह आदेश जिला में तत्काल प्रभाव से लागू कर किए और 15 नवंबर तक लागू रहेंगे।
इन स्थानों पर ही छोड़े जा सकेंगे पटाखे
दिवाली के दिन गुरुग्राम में सेक्टर-29 का हुडा ग्राउंड, लघु सचिवालय के निकट बेरीवाला बाग, हुडा ग्राउंड सेक्टर-5, सेक्टर-47 में बख्तावर चौक के पास सिटी सेंटर वाला खुला स्थान, सोहना में देवीलाल स्टेडियम, पटौदी में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का सेक्टर-1, हैलीमंडी में अग्रवाल धर्मशाला के निकट खाली जगह और फर्रुखनगर में पुराना रामलीला ग्राउंड में ही पटाखे चलाए जा सकेंगे। इन स्थानों के अलावा अन्य स्थानों पर पटाखे चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।