दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने कॉरपोरेट घरानों और गैरसरकारी संगठनों से राशन व सब्जियों के दान की अपील की है। कमेटी कोरोना वायरस की वजह से राजधानी में आजीविका खो बैठे श्रमिकों को उनके घर के दरवाजे पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की तैयारी में है।
समिति के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस समय दिल्ली के गुरुद्वारों से रोज 50 हजार लोगों को उनके घर के द्वार पर लंगर पहुंचाया जा रहा है। समिति ने अब एक लाख लोगों को उनके घर पर खाना प्रदान करने का निर्णय लिया है, ताकि सरकार के लॉकडाउन के उद्देश्य पूरे किए जा सकें। सामाजिक दूरी के नियमों का पूरी तरह पालन तभी होगा, जब लोगों के घर तक राशन व खाना पहुंचेगा।
उन्होंने बताया कि समिति झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में परिवार के साथ रह रहे प्रवासी श्रमिकों के परिवारों को ड्राई राशन देगी, ताकि वे अपनी जरूरतों के हिसाब से खाना बना सकें। समिति ने धनराशि देने की भी मांग की है। इसके लिए खाता नंबर जारी कर समिति ने कहा है कि महामारी की घड़ी में लोग दान कर इनकम टैक्स से भी छूट प्राप्त कर सकेंगे।
अब शिक्षण संस्थानों में भी बनेगा लंगर
दिल्ली के गुरुद्वारों में गरीबों के लिए लंगर बनाकर पैक किया हुआ भोजन जगह-जगह भेजा जा रहा है। गुरुद्वारा बंगला साहिब, गुरुद्वारा नानक प्याऊ, गुरुद्वारा शीशगंज साहिब, गुरुद्वारा मजनूं का टीला, गुरुद्वारा बाला साहिब में लंगर बनाकर दिल्ली सरकार से समवन्य कर जरूरतमंद लोगों को नजदीकी क्षेत्रों में बांटा जा रहा है। समिति अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि जल्द ही समिति संचालित सभी 19 शिक्षण संस्थाओं में लंगर बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि दिल्ली के अधिकतम क्षेत्रों को लंगर सेवा की सुविधा मिल सके।
आईआरसीटीसी के बेस किचन में भी बन रहा लोगों के लिए खाना
इंडियन रेलवे एंड टूरिज्म कॉपरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने भी जरूरतमंदों की सुविधा के लिए खाना बनाने का काम शुरू कर दिया है। देभर के बेस किचन में आईआरसीटीसी खाना पैक कर जरूरतमंदों में बांट रहा है। अधिकारियों के अनुसार, रविवार को 11030 पैकेट खाना वितरित किया गया। इसमें दिल्ली में 5030 पैकेट, बंगलूरू में 2000 पैकेट, हुबली में 700 पैकेट, मुंबई सेंट्रल में 1500 पैकेट, पटना के बेस किचन में 400 पैकेट खाना पैक कर वितरित किया गया।