जिले में हर साल औसतन 480 लोग जान गवां रहे
93 फीसदी दोपहिया चालकों की हो रही मौत, पांच वर्षों में 2300 लोगों ने गवांई जान
प्रवीन कुमार
गुरुग्राम। साइबर सिटी में सड़कों पर वाहन चलाते समय थाेड़ी से लापरवाही और तेजी लोगों की जान ले रही है। जिले में पिछले पांच वर्षों (2021 से 2025 तक) में सड़क हादसों में करीब 2,300 लोगों की मौत हुई है। यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार गुरुग्राम में हर साल औसतन से 470 से 480 लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं। सड़क हादसों में मरने वालों में दोपहिया पर सवार युवाओं की संख्या अधिक पाई गई है। कुल मौतों में से 93 फीसदी मौतें दोपहिया वाहन को पीछे से टक्कर मारने या आमने-सामने की टक्कर लगने की घटनाओं में हुई हैं।
पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डाले तो 2021 में 944 हादसों में 377 लोगों की मौत व 845 लोग घायल हुए थे। 2022 में 1040 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 404 लोगाें की मौत व 886 लोग घायल हुए। 2023 में 1172 सड़क दुर्घटनाओं में 494 लोगों की मौत व 874 लोग घायल हुए। 2024 में 1019 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 478 लोगों की मौत व 750 लोग घायल हुए। वहीं, 2025 में 1115 सड़क हादसों में 472 लोगों की मौत व 770 लोग घायल हुए थे। इस साल अभी तक 450 से अधिक सडृक हादसों में करीब 220 लोगों की मौत हो चुकी है।
इन सड़कों पर हो रहे ज्यादातर हादसे
आंकड़ों के अनुसार 2025 में दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर 150 मौतें हुई थी। गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड हाईवे पर 31 लोगों की जान गई। केएमपी एक्सप्रेसवे पर 26 मौतें हुईं। द्वारका एक्सप्रेसवे पर 24 मौतें दर्ज की गईं। वहीं, गोल्फ कोर्स रोड 10 लोगों की मौत हुई थी। जिले में इन पांच स्थानों पर वर्ष 2025 में सड़क हादसों में हुई मौत का करीब 40 फीसदी रहा।
समय पर सामान पहुंचाने में जान गंवा रहे डिलीवरी पार्टनर
दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48), द्वारका एक्सप्रेसवे या गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड हाईवे पर तेज रफ्तार युवाओं की जान ले रही है। यहां पर वाहन चालकों द्वारा तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाए जाते हैं और ड्राइविंग करते समय थोड़ी सी चूक दुर्घटना का कारण बनती हैं। यहां हुए हादसों में ज्यादातर युवाओं की मौत होने के आंकड़े सामने आते हैं। वहीं, शहरी क्षेत्र में ऑनलाइन खाना उपलब्ध कराने वाले कंपनियों में काम करने वाले युवा की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो रही है क्योंकि वे निर्धारित समय में ग्राहक तक खाना पहुंचाने के लिए तेज रफ्तार में स्कूटी या बाइक चलाते हैं, जिस कारण तेज रफ्तार व लापरवाही में सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
जिले की सड़कोंं पर दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शराब पीकर, गलत दिशा, लेन चेंज, तय रफ्तार से ज्यादा गति से वाहन चलाने वाले चालकों पर लगातार कार्रवाई करते हुए चालान काटे जा रहे हैं। वहीं, वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
- सत्यपाल यादव, एसीपी (यातायात मुख्यालय/हाईवे), गुरुग्राम