- गांव छरोड़ा में एक युवक की नशे से गई जान, पुलिस के दावे हवा-हवाई
- लोगों ने कहा गांव में कई परिवार कर रहे नशे का काराेबार
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। उपमंडल के छारोड़ा गांव में नशे के कारण एक शख्स की जान चली गई। बीती रात 27 वर्षीय याद मोहम्मद की नशे की ओवरडोज के चलते ब्रेन हेमरेज हो गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक के पांच छोटे-छोटे बच्चे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि आज गांव की पंचायत द्वारा नशा मुक्त अभियान चलाया जाना था, लेकिन युवक की अचानक हुई मौत के बाद इस कार्यक्रम को टालना पड़ा। लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि शिकायतों के बावजूद नशा तस्करों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, जिसके चलते युवा मौत के मुंह में समा रहे हैं।
ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मृतक युवक राहड़ी गांव से नशे के इंजेक्शन लगाकर लौटा था। गांव पहुंचते ही उसकी हालत बिगड़ गई और ओवरडोज से उसकी जान चली गई। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले यहां करीब पांच परिवार नशा बेचने के कारोबार में लिप्त थे। पंचायत के दबाव में तीन परिवारों ने यह धंधा छोड़ दिया और सार्वजनिक रूप से शपथ भी ली। लेकिन दो परिवार अब भी खुलेआम नशा बेच रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी खुलासा किया कि जब कोई विरोध करता है या शिकायत करता है तो ये दबंग परिवार अवैध हथियार तानकर धमका देते हैं। सूत्रों का दावा है कि इन नशा तस्करों को एक क्षेत्रीय युवा नेता का संरक्षण प्राप्त है।
ग्रामीणों ने बताया कि सिर्फ छारोड़ा ही नहीं, बल्कि तावड़ू उपमंडल के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में हालात बेहद भयावह हैं। यहां के 80% युवा नशे की गिरफ्त में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के नशा मुक्ति जन जागरण अभियान केवल कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
नशा तस्करी को लेकर तावड़ू डीएसपी अभिमन्यु लोहान का कहना है कि गांव छारोडा में नशा तस्करी का मामला अभी संज्ञान में आया है। वह इसकी जांच करेंगे नशा तस्करों को बख्सा नही जाएगा।