प्रथम विश्व योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में जीते थे दो स्वर्ण पदक
गुरुग्राम। प्रथम विश्व योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीतकर जिले के खिलाड़ी अर्जुन ने देश और जिले का नाम रोशन किया। इसके लिए अर्जुन और उनके कोच अजीत सोलंकी को जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. मंजू कुमारी और जिला योग कोऑर्डिनेटर डॉ. विकास यादव द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एईओ जगदीश अहलावत ने अर्जुन को भविष्य में ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रोत्साहित किया।
सम्मान समारोह के दौरान अर्जुन ने अपनी प्रेरणादायक खेल यात्रा साझा करते हुए बताया कि वह पिछले लगभग 13 वर्षों से योग की नियमित साधना कर रहे हैं। साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले अर्जुन की माता गृहिणी हैं, जबकि उनके पिता सब्जी विक्रेता हैं, जो पूरे परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उनके पिता ने कभी भी उन्हें खेलों में भाग लेने से नहीं रोका और हमेशा प्रोत्साहित किया।
अर्जुन ने बताया कि उनके बड़े भाई और बड़ी बहन भी राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ी हैं और सभी ने कोच अजीत सोलंकी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। योग की शुरुआत उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-4 में योग प्रशिक्षक पूनम बिमरा और कोच अजीत सोलंकी के निर्देशन में की थी। पांचवीं कक्षा में स्कूल खेल प्रतियोगिता में भाग लेना उनके खेल जीवन की पहली सीढ़ी बना। इसके बाद उन्होंने विभिन्न ओपन स्टेट, स्कूल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। उन्होंने कहा कि योगासन भारत लगातार इस खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का सराहनीय कार्य कर रहा है, जिससे देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। संवाद