पुलिस थानों/आईसीसीसी से जोड़ा जाएगा, इस योजना पर करीब नौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी में महिला सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने एक और अहम कदम उठाया है। शहर के करीब 100 सार्वजनिक स्थानों और पुलिस थानों में इमरजेंसी कॉल पॉइंट/इमरजेंसी कॉल बॉक्स (ईसीपी/ईसीबी) लगाए जाएंगे। इस योजना पर करीब नौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जीएमडीए इससे पहले शहर में यातायात सुधार के लिए सेक्टर-1 से 55 तक स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल के तहत एडाप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) स्थापित कर चुका है। ये सिग्नल जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जुड़े हैं। साथ ही प्रमुख चौराहों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से शहर की निगरानी की जा रही है। तत्कालीन डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश मोहन ने शहर के प्रमुख चौराहों पर इमरजेंसी कॉल पॉइंट लगाने का प्रस्ताव जीएमडीए को दिया था। पुलिस का मानना है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। पुलिस विभाग की सहमति के बाद जीएमडीए ने इस योजना को मंजूरी दी। पहले भी इस योजना के लिए टेंडर जारी किया गया था, लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ सका। अब दोबारा टेंडर जारी किया गया है। योजना के तहत मॉनिटरिंग सेवा, रखरखाव, पुलिस थानों और आईसीसीसी में उपकरणों की स्थापना के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर इमरजेंसी कॉल पॉइंट/कॉल बॉक्स/संकट अलार्म लगाए जाएंगे।
ऐसे करेगा काम
जीएमडीए के अनुसार शहर के 100 प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर इमरजेंसी कॉल पॉइंट लगाए जाएंगे। किसी भी आपात स्थिति में व्यक्ति बटन दबाकर पुलिस से तुरंत संपर्क कर सकेगा। बटन दबाते ही संबंधित स्थान की फोटो के साथ कॉल संबंधित थाना और जीएमडीए के कमांड सेंटर तक पहुंच जाएगी। इसके बाद पीड़ित सीधे अधिकारी से बात कर सकेगा। साथ ही पुलिस थानों में कॉल अटेंड करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी और यह पूरा सिस्टम जीएमडीए के कमांड सेंटर से जुड़ा रहेगा। इस सिस्टम को शहर के प्रमुख भीड़भाड़ वाली जगहों, कॉरपोरेट बिल्डिंग, रेलवे समेत अन्य चौक-चौराहों पर लगाए जाएंगे।
वर्जन
शहर में 100 सार्वजनिक स्थानों पर इमरजेंसी कॉल पॉइंट लगाने की योजना है। सिस्टम लगने के बाद कोई भी व्यक्ति बटन दबाकर सीधे पुलिस को अपनी समस्या बता सकेगा। इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। -क्षितिज कुमार, कार्यकारी अभियंता (स्मार्ट सिटी) जीएमडीए