गुरुग्राम। जिले में अब बड़े टैक्स डिफॉल्टरों की सूची तैयार की जा रही है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक 5 लाख से ज्यादा के बकायेदारों को जुलाई से नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी तो वहीं निगमायुक्त के आदेश के तहत अगस्त माह से व्यापक स्तर पर बड़े बकायेदारों के खिलाफ प्रॉपर्टी सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
मालूम हो कि प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को लेकर निगमायुक्त जोनल टैक्सेशन ऑफिसर्स की कार्यशैली से खुश नहीं है। कोरोना संक्रमण का हवाला देकर सभी जोन के टैक्सेशन ऑफिसर अपनी जवाबदेही से बच रहे हैं, लेकिन निगमायुक्त को यह दलीलें स्वीकार्य नहीं हैं। यही वजह है कि उन्होंने अगस्त से बड़े बकायेदारों के खिलाफ प्रॉपर्टी सीलिंग का आदेश दिया है। इसको देखते हुए चारों जोन के टैक्सेशन ऑफिसर 5 लाख से ज्यादा के बकायेदारों की सूची तैयार करने में जुट गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक जोन-1 व जोन-3 में बड़े बकायेदारों की संख्या ज्यादा है।
मंगलवार को सील की गई थी 4 संपत्तियां
लंबे समय तक प्रॉपर्टी टैक्स न जमा करने व जमा करने पर चेक बाउंस होने पर जोनल टैक्सेशन ऑफिसर-3 देवेंद्र कुमार की अगुवाई में मंगलवार को 4 संपत्तियां सील कर दी गईं। जोन-3 टैक्स ब्रांच की टीम ने जलवायु विहार, ग्लोबल बिजनेस पार्क एमजी रोड, सनसिटी व डीएलएफ फेज-3 में स्थित 4 प्रॉपर्टी को सील किया था।
स्थापित किए गए हैं तीन केंद्र
प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी के लिए नगर निगम ने 3 नागरिक सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें 5 हजार रुपये तक की राशि को नकदी के रूप में तथा इससे ऊपर की राशि को डिमांड ड्राफ्ट, क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड के माध्यम से जमा किया जा सकता है। इसके लिए नगर निगम गुरुग्राम की वेबसाइट पर ऑनलाइन माध्यम से प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी करने का प्रावधान है।