गुरुग्राम। नगर निगम क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। वहीं, अवैध स्ट्रीट वेंडरों के खिलाफ भी निगम की टीम बड़े स्तर पर चालान करेगी। इसका जिम्मा निगम की एनफोर्समेंट विंग को दिया जाएगा। निगमायुक्त मुकेश कुमार आहुजा ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान निर्देश दिए।
इनमें मुख्य रूप से प्लास्टिक कैरीबैग का उपयोग, सार्वजनिक स्थान पर कचरा फैलाने, खुले में शौच व पेशाब करने, अनधिकृत रूप से मलबा डालने, सीवर वेस्ट डालने, कचरा जलाने, अवैध विज्ञापन लगाने, अवैध मीट शॉप सहित पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन शामिल है। ऐसा करने वालों के खिलाफ नगर निगम अब बड़े पैमाने पर कार्रवाई करेगा। अलग-अलग नियमों का उल्लंघन करने पर चालान व दंड के प्रावधान अलग-अलग हैं।
एजेंसियों ने नहीं जमा कराया वेंडिंग का पैसा
स्ट्रीट वेंडर परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि 2014 और 2018 में किए गए सर्वे के तहत गुरुग्राम में 18670 स्ट्रीट वेंडर चिह्नित किए गए थे। योजना के तहत 148 स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनाए गए। इनमें से 29 वेंडिंग जोन विभिन्न कार्यों के कारण प्रभावित हुए हैं। इस मामले में चार एजेंसियों को कार्य आवंटित किया गया था, जिनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है। एजेंसियों को प्रति माह प्रति वेंडर के हिसाब से निगम में 500 रुपये जमा करवाने थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस मामले में जांच कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों के पास भेज दी है।
अधिकृत वेंडरों से मासिक फीस लें
निगमायुक्त ने कहा कि वेंडिंग जोन में अनधिकृत रूप से वेंडिंग कार्य करने वालों को हटाया जाए तथा अधिकृत वेंडरों से मासिक फीस ली जाए। नगर निगम क्षेत्र में बिना लाइसेंस के कहीं पर भी स्ट्रीट वेंडर के घूमते पाए जाने पर चालान करने समेत सख्त कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। निगमायुक्त ने कहा कि यह सुरक्षा की दृष्टि से भी सही नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्ट्रीट वेंडरों को सही दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करें और पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करें।
पीएम आवास योजना : 392 आवेदन खारिज
प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को नए आवास निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपये तथा निर्माण का विस्तार करने के लिए 1.50 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है। योजना के तहत जिले में 537 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 392 आवेदन पात्रता शर्तों को पूरा न करने के चलते खारिज हो गए। वहीं, पात्र लाभार्थियों को योजना के तहत धनराशि जारी की जा चुकी है। पीएम स्वनिधि योजना के बारे में बताया गया कि 10 हजार रुपये का ऋण सस्ती ब्याज दरों पर बैंकों के माध्यम से उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। योजना के तहत 4572 व्यक्ति पात्र पाए गए हैं।