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'हेलो... मैं सीएम नायब सैनी का ओएसडी हूं': बिजली निगम के एसडीओ को आई व्हाट्सएप कॉल, ऐसे हुआ भंडाफोड़

Wed, 02 Apr 2025 07:39 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम

सार

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैन का ओएसडी बनकर बिजली निगम के एसडीओ की व्हाट्सएप कॉल कर काम रोकने का मामला सामने आया है। कॉल करने वाले ने ओएसडी वीरेंद्र का नाम बताकर बिजली का खंभा लगाने का काम रोकने के लिए कहा था। फिलहाल, एसडीओ की शिकायत पर सेक्टर-56 में मामला दर्ज हो गया है।
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हरियाणा के सीएम नायब सैनी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेक्टर-56 थाना के अंतर्गत दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एसडीओ के पास मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र का नाम बताकर बिजली का खंभा लगाने का काम रुकवाने का मामला सामने आया है। डीएलएफ सिटी सब डिवीजन के एसडीओ सतीश चंद ने इस बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। मुख्यमंत्री के पीए से बात करने पर पता चला कि कोई व्यक्ति ओएसडी के नाम का दुरुपयोग कर रहा है। एसडीओ ने सेक्टर-56 थाना में कॉल करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

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बिजली निगम के डीएलएफ सब डिवीजन में एसडीओ सतीश चंद ने सेक्टर-56 थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके सब डिवीजन क्षेत्र में अरावली के साथ लगते क्षेत्रों में बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं। ताकि गर्मी आने से पहले क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू की जा सके। इस कार्य को रुकवाने का कुछ लोग प्रयास कर रहे हैं।

बीते मंगलवार की सुबह 10.28 बजे वे अपने कार्यालय में मौजूद थे, इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने स्वयं को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का ओएसडी वीरेंद्र बताया। वीरेंद्र ने उन्हें अरावली में अवैध रूप से खंभे लगाने की बात कहकर इसे तुरंत प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। चूंकि कॉल व्हाट्सएप पर आई थी। ऐसे में उन्हें कुछ संदेह हुआ।
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एसडीओ ने इस नंबर को जांचने के लिए ट्रू कॉलर मोबाइल एप पर नंबर की जांच की, तो उसमें भी वह नंबर मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र के नाम से ही दर्शाया गया। इस संदर्भ में जांच करने के लिए एसडीओ ने इस नंबर और व्यक्ति की जांच के लिए मुख्यमंत्री के पीए को फोन किया। पीए ने बताया कि वीरेंद्र नाम से कोई मुख्यमंत्री का ओएसडी नहीं है। इस पर एसडीओ ने सेक्टर-56 थाना में शिकायत देकर मामला दर्ज कराया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।

जांच अधिकारी इंद्र सिंह ने बताया कि एसडीओ की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच की जा रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपी से पूछताछ करने के बाद ही पता चलेगा कि एसडीओ पर खंभा नहीं लगाने का दबाव क्यों बनाया जा रहा था।

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