मंत्री ने अफसरों को दी जलभराव से बचाव के लिए पुख्ता योजनाएं बनाने की हिदायत
दीर्घकालीक योजनाओं के बूते ही जलभराव से निजात संभव
नगर निगम के अफसरों संग किया जलभराव संबंधित 15 संवेदनशील इलाकों का दौरा
- जल निकासी के पुख्ता प्रबंध संबंधित कार्याें को जल्द पूरा करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने अफसरों को हिदायत दी है कि जलभराव से स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालीक योजनाओं पर काम करना होगा। अस्थायी प्रबंधों से काम चलने वाला नहीं है। फिलहाल उन्होंने जल निकासी संबंधी विभिन्न कार्याें को मानसून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा में मानसून की एंट्री जून के अंतिम व जुलाई के पहले हफ्ते में संभावित है।
मंत्री ने शुक्रवार को अफसरों के साथ जलभराव संबंधित 15 संवेदनशील इलाकों का दौरा किया और वहां के हालात का जायजा लिया। उन्होंने अफसरों को जल्द पुख्ता योजनाएं बनाने के लिए भी कहा। इस दौरान राव नरबीर सिंह ने कहा कि आगामी मानसून के दौरान नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उन्होंने जीएमडीए, एचएसआईआईडीसी व नगर निगम सहित अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि नालों की सफाई समय पर पूरी की जाए और जल निकासी के सभी सिस्टम सक्रिय रखे जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर उस क्षेत्र की पहचान करें, जहां हर वर्ष जलभराव की स्थिति बनती है, और वहां विशेष प्रबंध करें।
कैबिनेट मंत्री ने अफसरों के साथ राजीव चौक, एमसीसी नर्सरी कादीपुर, सेक्टर-10 ए मार्केट, बहरामपुर मोड़, बेगमपुर खटोला, विपुल वर्ल्ड, उप्पल साउथ एंड, वाटिका चौक, साऊथ सिटी-2 ए ब्लॉक, सेक्टर-51, पॉकेट डी सेक्टर-39, सेक्टर-56, माइक्रो एसटीपी सेक्टर-43, माइक्रो एसटीपी सिग्नेचर चौक का दौरा किया। इस मौके पर नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर वाईएस गुप्ता, अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव व कैप्टन मनीष लोहान, संयुक्त आयुक्त विशाल कुमार व डॉ. जयवीर यादव, चीफ इंजीनियर विजय ढाका समेत अन्य अफसर मंत्री के साथ मौजूद रहे।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने शुक्रवार को कादीपुर स्थित नगर निगम गुरुग्राम की नर्सरी का अवलोकन किया व वहां रुद्राक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है और पौधरोपण इसका एक महत्वपूर्ण कदम है।