-विभिन्न रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों से गुजरने वाले नालों में उफन रही है गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। मानसून से पहले नालों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण शहर में जलभराव की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। विभिन्न रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों से गुजरने वाले नालों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे गंदे पानी की निकासी बाधित हो रही है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नालों में जमा कचरे के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। नगर पालिका द्वारा हर वर्ष टेंडर प्रक्रिया के तहत नालों की सफाई कराई जाती है, जिस पर करीब 20 लाख रुपये से अधिक खर्च किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद हालात में सुधार नजर नहीं आ रहा। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष जय सिंह सैनी, अशोक गुर्जर, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि दिनेश बंसल, पार्षद कविता बंसल, तिलक सोनी और डॉ. प्रेमचंद प्रेमी एडवोकेट ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतें देने और सीएम विंडो पर आवेदन करने के बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी सफाई के लिए बड़ा बजट जारी हुआ था, लेकिन कार्य संतोषजनक नहीं रहा।
महावीर मार्ग, सोमनाथ मार्ग, दादा मस्तान मार्ग, दयानंद स्कूल, टेलीफोन एक्सचेंज, मदापुर रोड, अंबेडकर चौक, बस स्टैंड और लकी मार्केट जैसे प्रमुख इलाकों में नाले आज भी गंदगी से भरे पड़े हैं। लोगों का कहना है कि इस वर्ष भी लगभग 20 लाख रुपये का नया टेंडर जारी किया गया है, लेकिन यदि कार्य की गुणवत्ता नहीं सुधरी तो समस्या जस की तस बनी रहेगी। व्यापारियों ने मांग की है कि नालों की सफाई हाईटेक मशीनों से कराई जाए और निकाली गई गंदगी को तुरंत उठाया जाए, ताकि बाजारों में गंदगी न फैले। वहीं, नगर पालिका के अभियंता जावेद खान ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सफाई कार्य को दुरुस्त किया जाएगा और पूर्व कार्यों की स्थिति का आकलन दस्तावेजों की जांच के बाद ही किया जाएगा।