-अनाज मंडी में हजारों क्विंटल गेहूं भीगा, लाखों रुपये का नुकसान, किसान परेशान
-सड़कें हुईं तालाब में तब्दील, तेज हवाओं से उखड़े टिन शेड, गिरे बिजली के खंबे
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। रविवार रात में हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। शहर सहित आसपास के गांवों में तेज आंधी के चलते कई जगहों पर टीन शेड उड़ गए, जबकि काफी पेड़ जड़ से उखड़ गए। अचानक बदले मौसम ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। सबसे ज्यादा नुकसान स्थानीय अनाज मंडी में देखने को मिला, जहां बारिश के पानी ने सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया और हजारों क्विंटल गेहूं भीगकर खराब होने की कगार पर पहुंच गया। वहीं बिजली विभाग के दर्जन भर से अधिक खंबे तेज हवाओं के कारण गिर गए।
रविवार रात तकरीबन डेढ बजे के बाद मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बरसात के साथ हवा इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर मकानों और दुकानों के ऊपर लगे टीन शेड उड़कर दूर जा गिरे, जिससे संपत्ति का नुकसान हुआ। अनाज मंडी में हालात सबसे अधिक चिंताजनक रहे। मंडी परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और प्लेटफार्म पर जमा हो गया और पूरी मंडी परिसर जलमग्न हो गया। मंडी में खुले में रखे गेहूं के कट्टे पानी में डूब गए और लंबे समय तक पानी में खड़े रहने से अनाज के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
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तेज हवाओं से गिरे बिजली के दर्जन भर खंबे
तेज आंधी और बारिश के बाद क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। तेज हवाओं के कारण बीसरू, सिरौली, मुबारिकपुर व शहर में कई स्थानों पर दर्जनभर से अधिक ख्ंाबे गिर गए। बिजली न होने के कारण जहां घरों में अंधेरा छाया रहा, वहीं पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई। बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए विभाग के कर्मचारी सोमवार सुबह से ही बिजली आपूर्ति को बहाल करने में लगे रहे। दोपहर बाद तक कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू कर दी जबकि कई गावों में सोमवार को देर शाम तक बिजली शुरू नहीं हो पाई। गर्मी के मौसम में पूरे दिन बिना बिजली के रहना लोगों के लिए मुश्किल भरा रहा। बिजली विभाग के एसडीओ शमीम खान का कहना है कि खराब मौसम के कारण कई फीडरों में फाल्ट आया है, जिसे ठीक करने का काम जारी है।
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बरसात से कच्ची ईंटें खराब, भट्टा संचालकों को लाखों का नुकसान
रविवार रात हुई बेमौसम बारिश ने ईंट भट्टा संचालकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज बारिश के चलते भट्टों पर तैयार की गई कच्ची ईंटें पानी में भीगकर पूरी तरह खराब हो गईं। भट्टा मालिकों के अनुसार बड़ी संख्या में कच्ची ईंटें खुले में सूखने के लिए रखी गई थीं, जिन्हें अचानक आई बारिश से बचाया नहीं जा सका। संचालकों का कहना है कि इस नुकसान से उन्हें लाखों रुपये की चपत लगी है। साथ ही उत्पादन चक्र भी प्रभावित हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में कामकाज पर असर पड़ेगा।
गेहूं की खरीद प्रक्रिया जारी थी और बड़ी मात्रा में अनाज खुले में रखा हुआ था। अचानक हुई बारिश के कारण उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाने का मौका नहीं मिल पाया। तिरपाल डालकर अनाज को बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा और भारी बारिश के आगे उनकी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं।
खिलौनी राम सैनी, व्यापारी
पिछले वर्ष ही अनाज मंडी में सड़कों और सीवर लाइन के सुधार पर एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई थी। इसके बावजूद जल निकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है। हल्की बारिश में भी मंडी की सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं।
सुनील कुमार, व्यापारी
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समय रहते जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाती तो इस तरह का नुकसान टाला जा सकता था। मंडी में स्थायी समाधान के लिए प्रशासन द्वारा ठोस कदम उठाए जाएं।
नवीन उर्फ अप्पू ,व्यापारी
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पुन्हाना अनाज मंडी जिले में सबसे अधिक राजस्व देने वाली अनाज मंडी है लेकिन यहां सुविधाएं न के बराबर है। मंडी से 80 प्रतिशत गेहूं उठ चुका है। उठान प्रक्रिया ठीक है लेकिन गोदामों पर गेहूं नहीं उतरने के कारण बचा हुआ गेहूं भी नहीं उठ पा रहा है।
उमेश आर्य, व्यापारी
जलभराव की समस्या को लेकर कार्यकारी अभियंता को पत्र लिखा गया है। फिलहाल कमेटी की ओर से मंडी से जल निकासी के लिए पंप लगाया गया है। पानी को निकालने का काम जारी है। जल्द ही मंडी से बरसाती पानी को निकाल दिया जाएगा।
शैलेंद्र बंसल, सचिव मार्केट कमेटी पुन्हाना