घुटनों तक पानी भरा होने के कारण गेट के पास बैठाई सवारियां
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बस अड्डा पिछले 10 वर्षों से मानसून में प्रशासनिक लापरवाही और खराब सीवरेज सिस्टम का दंश झेल रहा है। हालिया भारी बारिश के बाद परिसर में डेढ़ से दो फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे मुख्य पूछताछ केंद्र और काउंटर पूरी तरह ठप हो गए। इस भारी अव्यवस्था के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों यात्रियों को बूंदाबांदी में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ा। यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए डिपो प्रबंधन ने बसों को गेट के पास ऊंचे स्थानों पर खड़ा करवाया और कर्मचारियों ने मैन्युअल रूप से रूटों की जानकारी दी।
जलभराव के कारण सिटी बसों का संचालन प्रभावित
सुबह से ही हुई बारिश के कारण शहर में विभिन्न स्थानों पर जलभराव होने के कारण सिटी बसों का संचालन प्रभावित रहा। जीएमसीबीएल के अधिकारियों व कंट्रोल रूम की ओर से बसों के चालक-परिचालकों को जलभराव के कारण सिटी बसों को नहीं चलाने के निर्देश दिए। गुरुग्राम में करीब 23 रूटों पर 150 गुरुगमन सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। ज्यादा बारिश होने के कारण शहर के कई क्षेत्रों में ज्यादा पानी जमा हो जाता है। लो फ्लोर होने के कारण सिटी बसें इस जलभराव में ब्रेकडाउन हो जाती हैं। जीएमसीबीएल डिपो के सहायक मैनेजर बिजेंद्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को 11 बजे के बाद सिटी बसों का कई रूटों पर संचालन किया जा सका। हालांकि, जिन रूटों पर पानी भरा हुआ था, उन रूटों पर दोपहर बाद ही बसें चलाई जा सकीं।
बस अड्डा परिसर से पानी की निकासी के लिए सीवरेज लाइन की व्यवस्था नहीं होने के कारण जलभराव की समस्या हो रही है। जल्द ही संबंधित विभाग से बातचीत करके पानी निकासी का समाधान कराया जाएगा। मोटर लगवाकर पानी निकालने की व्यवस्था की जा रही है।
- गायत्री अहलावत, महाप्रबंधक, गुरुग्राम बस डिपो