पेयजल को तरस रहे मुबारकपुर के लोग, जलघर को बने दो साल बीते, नहीं हुई पाइपलाइन की कनेक्टिविटी
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखनगर। मुबारकपुर गांव के लोग उमस भरी गर्मी में पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं, क्योंकि गांव को जलघर से जोड़ने के लिए प्रशासन की ओर से कनेक्शन ही नहीं किए गए हैं। गांव में 20 लाख की लागत से बना जलघर दो साल से बेकार पड़ा है, क्योंकि अब तक गांव में पाइपलाइन की कनेक्टिविटी नहीं की गई। इस कारण भीषण गर्मी में ग्रामीण शुद्ध पेयजल के लिए परेशान हैं।
सरपंच सतबीर सिसोदिया के अनुसार, विभाग को कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई हल नहीं निकला है। जलघर की इमारत जर्जर हो रही है और परिसर में पीने के पानी के पुख्ता इंतजाम तो नजर नहीं आते हैं, लेकिन कूड़ा-करकट चारों ओर नजर आता है।
जन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बिजली कनेक्शन स्थायी नहीं था जबकि बिजली विभाग दावा कर रहा है कि मीटर सहित कनेक्शन छह महीने पहले ही दे दिया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग ने केवल बोरवेल व बिल्डिंग बनाकर छोड़ दिया है जबकि बिजली कनेक्शन भी समय पर हो गया था।
सरपंच सतबीर की मानें तो उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों को नलकूप चालू करने की लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। बिजली विभाग ने बिजली का कनेक्शन नहीं किया है, इस वजह से ट्यूबवेल चालू नहीं हो पाया है, जो कनेक्शन जोड़ा गया था, वह अस्थायी है। इसी कारण कार्य में देरी हुई है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग डिवीजन-तीन गुरुग्राम मुबारकपुर वाटर सप्लाई के ट्यूबवेल का कनेक्शन छह महीने पहले ही मीटर लगाकर जोड़ा जा चुका है। मौके पर जाकर कोई भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि देख सकते हैं। बिजली विभाग की तरफ से कोई कार्य पेंडिंग नहीं है। - मनपाल ढुल, एसडीओ बिजली विभाग।
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जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से वाटर सप्लाई के लिए पाइपलाइन से कनेक्शन नहीं किया गया है। पाइपलाइन बिछाने में जानबूझकर देरी कर रहे हैं। छह माह से जो जलघर के नाम पर भवन बनाया वह जर्जर होता जा रहा है, उसमें घटिया सामग्री लगाई गई है । - सतबीर सिसोदिया सरपंच मुबारकपुर।