फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: वन्यजीवों के लिए नए जलस्रोतों में टैंकरों से भरा जा रहा पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
विभाग ने बढ़ाई निगरानी और आपूर्ति व्यवस्था
विज्ञापन

बीते दिनों अरावली में बनाए गए चार नए तालाब
गर्मी को देखते बढ़ाई जा रही तालाबों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अरावली क्षेत्र में बढ़ती गर्मी और जल संकट को देखते हुए वन विभाग ने वन्यजीवों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। विभाग ने इस क्षेत्र में आठ नए जलस्त्रोतों का निर्माण किया है, जबकि दो पुराने जलस्त्रोतों का नवीनीकरण किया गया है।
इसके साथ ही पहले से मौजूद लगभग 180 तालाबों का सुधार और पुनर्स्थापन किया जा रहा है, ताकि गर्मी के मौसम में जानवरों को पर्याप्त पानी मिल सके। वन्यजीवों के लिए बनाए गए नए जलस्त्रोतों में नियमित रूप से टैंकरों के माध्यम से पानी भरा जा रहा है। हर एक से दो दिन में अरावली वन क्षेत्र में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। आपात स्थिति से निपटने के लिए कुछ टैंकर वहीं तैनात भी किए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर भी जरूरत के अनुसार पानी की व्यवस्था की जाती है, जिससे वन्यजीवों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
विज्ञापन



चार जगह किया जाएगा कार्य
वन अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम के अलावा पलवल, फरीदाबाद और मेवात जिलों में भी नए छोटे तालाब विकसित किए जाएंगे। इन जलस्त्रोतों के निर्माण और सुधार से न केवल वन्यजीवों को राहत मिलेगी, बल्कि भूजल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। बारिश के दौरान इन पॉन्ड्स में पानी का संचयन होगा, जिससे आसपास के क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। अरावली क्षेत्र में गर्मी के मौसम में जल स्रोतों की कमी के कारण अक्सर वन्यजीव आबादी प्रभावित होती है। इसके लिए विभाग ने टेंडर जारी कर दिया है। ऐसे में यह पहल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी। वन विभाग ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए जल्द कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
विज्ञापन

वर्जन
वन्य जीवों के लिए नए जलस्रोतों में टैंकरों के माध्यम से पानी भरा जा रहा है, ताकि जानवरों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए विशेष टीम नियुक्त की गई है। साथ ही स्थानीय ग्रामीण भी आवश्यकता होने पर जानकारी देकर पानी की व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं। -राज कुमार जागंड़ा, वन्यजीव संरक्षण अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें