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Gurugram News: अरावली संरक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर उठ रही आवाज

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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुरुग्राम। अरावली पर्वतमाला को बचाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। शहर में लगातार हो रहे खनन और तेजी से बढ़ते शहरीकरण को लेकर नागरिकों में गहरी चिंता है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों की ओर से अरावली बचाओ अभियान चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग पोस्ट, वीडियो और संदेशों के माध्यम से सरकार और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित कर रहे हैं।

शहर में कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जिनके जरिये लोगों को अरावली के महत्व और उसके संरक्षण की जरूरत के बारे में जागरूक किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि आज हम स्वच्छ हवा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। संरक्षक बताते हैं कि अरावली न केवल प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है, बल्कि भूजल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शहरीकरण और अवैध खनन इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका सीधा असर पर्यावरण और मानव जीवन पर पड़ेगा।
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गुरुग्राम में शहरीकरण के नाम पर हुए अंधाधुंध खनन का खामियाजा आज शहरवासी भुगत रहे हैं। साफ हवा दुर्लभ हो गई है और महीनों से जहरीली हवा लोगों की सेहत पर असर डाल रही है। अब अरावली को बचाने के लिए ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है। - राजू रावत, अरावली प्रकृति संरक्षणकर्ता
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शहर में व्यू और विकास के नाम पर पिछले 20 वर्षों से अरावली के आसपास लगातार खनन किया गया है। यह गतिविधियां आज भी बढ़ती जा रही हैं। इसके गंभीर और दूरगामी दुष्परिणाम पर्यावरण, हवा और जल स्रोतों पर आने वाले समय में साफ तौर पर देखने को मिलेंगे। -
विजय बेनवाल, अरावली प्रकृति संरक्षणकर्ता
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