विपुल कंपनी के सेक्टर-53 स्थित आरोहन कॉमर्शियल प्रोजेक्ट में किया था निवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आश्वासन मिलने के बाद सालों तक एश्योर्ड रिटर्न न मिलने पर हरेरा ने विपुल बिल्डर कंपनी को ब्याज के साथ वापस करने का आदेश दिया है। चार निवेशकों ने विपुल कंपनी के कॉमर्शियल प्रोजेक्ट में आठ यूनिट खरीदी थी। यह आदेश हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) गुरुग्राम के चेयरमैन अरुण कुमार और सदस्य फूल सिंह सैनी ने दिया है। प्राधिकरण में रोहित गुप्ता, नितिन गुप्ता, रितु गुप्ता और मोहित गुप्ता ने याचिका दायर की थी।
रोहित गुप्ता ने तीन यूनिट के लिए 2.34 करोड़ रुपये, नितिन गुप्ता ने एक यूनिट के लिए 2.28, रितु गुप्ता ने दो युनिट के लिए 1.35 करोड़ रुपये और मोहित गुप्ता ने दो युनिट के लिए 1.81 करोड़ रुपये विपुल बिल्डर की सेक्टर-53 स्थित आरोहन कॉमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश किए थे। कंपनी के साथ हुए करार में आश्वासन दिया गया था कि एक मार्च 2019 से 105 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से एश्योर्ड रिटर्न दिया जाएगा। इसके बाद 31 दिसंबर 2023 से इसको 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिया जाएगा।
याचिकाकर्ता का कहना है कि कुछ समय तक उन्हें एश्योर्ड रिटर्न दिया गया लेकिन बाद में बंद कर दिया गया है। उनका यह भी कहना है कि बिल्डर की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि 31 दिसंबर 2021 तक उन्हें ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट मिल जाएगा लेकिन अभी तक कंपनी को ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट नहीं मिला है। प्राधिकरण ने कंपनी को आदेश दिया है कि 90 दिनों के अंदर कंपनी चारों याचिकाकर्ताओं को 8.80 प्रतिशत की दर से उनके एश्योर्ड रिटर्न वापस करें।