कच्चे रास्तों व गंदगी से परेशान गोधोली गांव के लोग, लोगों का आरोप-मौजूदा सरपंच को वोट नहीं देने का दंश झेल रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। प्रदेश सरकार जहां गावों के विकास के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है तो वहीं कुछ पंचायतें आज भी पिछड़ेपन का दंश झेल रहीं हैं। पुन्हाना के गोधोली गांव के दर्जनों परिवार मौजूदा सरपंच को वोट नहीं देने का खामियाजा भुगत रहे है। ग्रामीणों का आरोप है कि वोट नहीं देने के कारण उनके गांव में अभी तक विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। बल्कि उन्हें शिकायत करने पर धमकियां तक दी जाती हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गोधोली गांव में मछली पालन के लिए बनी जोहड़ में पूरे गांव की गंदगी बहकर आती है, जिसकी दुर्गंध के कारण ग्रामीणों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। गांव में दशकों पहले बने रास्ते जर्जर अवस्था में हैं, जिनमें हर समय जलभराव की समस्या रहती है।
दो गांवों के बीच विकास में असमानता
गोधोली गांव निवासी जिलशाद, निसार, मुबारिक ने बताया कि गोधोला व गोधोली गांव की एक ही पंचायत है। मौजूदा सरपंच गोधोला गांव से है। गोधोला गांव में रास्तों को पक्का करने से लेकर अन्य विकास कार्य कराए जा रहे हैं लेकिन उनके गांव में विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्थित मस्जिद के लिए जाने वाले रास्ते में हर समय पानी भरा रहता है, जिसके कारण नमाजियों को गंदे पानी से होकर मस्जिद में जाना पड़ता है। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार मौजूदा सरपंच से शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
परेशान ग्रामीणों ने समस्या को लेकर मीडिया कर्मियों को अवगत कराया तो मौजूदा सरपंच के समर्थकों ने उन्हें धमकियां दी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव के रास्तों को पक्का कराने के साथ-साथ जोहड़ की सफाई की मांग की है। वहीं, गांव के सरपंच का कहना है कि बरसात के बाद जोहड़ की सफाई कराई जाएगी।