गुरुग्राम के बादशाहपुर में तोड़फोड़ के विरोध में पीडब्ल्यूडी मंत्री से मिलते स्थानीय निवासी।
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तोड़फोड़ के विरोध में ग्रामीणों ने की पंचायत, मंत्री से मांगी मोहलत
गुरुग्राम। बादशाहपुर में बनाए जाने वाले एलिवेटिड फ्लाईओवर के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा रही है। जिसके विरोध में शुक्रवार सुबह ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने गांव में महापंचायत की और सुबह ही जिला उपायुक्त निवास पहुंच गए। उपायुक्त के न मिलने पर लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर से मुलाकात कर कार्रवाई रुकवाने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एनएचएआई ने क्षेत्र की निशानदेही गलत की है और उनका नुकसान किया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने मकानों को खाली करने के लिए मोहलत भी मांगी। इस पर मंत्री ने एनएचएआई के अधिकारियों और जिला उपायुक्त से बात कर तीन दिन तक कार्रवाई टालने और उनकी समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया।
स्थानीय निवासियों राजेश, सुभाष सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि एनएचएआई की तरफ से एलिवेटिड फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इसके लिए सड़क को चौड़ा करना है। एनएचएआई ने दो बार यहां निशानदेही की है। इस दौरान किसी इमारत को पूरा ले लिया गया, तो कुछ को तिरछा कर उसमें शामिल किया। साथ ही जेसीबी के जरिए जो तोड़फोड़ की जा रही है उससे उन्हें नुकसान हो रहा है। निशानदेही से भी काफी अधिक जगह पर तोड़फोड़ की जा रही है। पंचायत में ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त से मिलकर इस कार्रवाई को सही प्रकार से करवाने व मकानों को खाली करने के लिए समय मांगने की मांग की।
जेसीबी की जगह कटर से करवाई जाए तोड़फोड़
सुबह करीब 8 बजे ग्रामीण एकत्र होकर जिला उपायुक्त निवास पर पहुंच गए। यहां जिला उपायुक्त के न मिलने पर लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह के पास पहुंच गए। ग्रामीणों ने मंत्री से कहा कि एनएचएआई की कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन वे चाहते हैं कि एनएचएआई क्षेत्र की दोबारा निशानदेही करवाए। तोड़फोड़ जेसीबी से करवाने की बजाय कटर से करवाए ताकि लोगों का नुकसान न हो। ग्रामीणों ने मंत्री से मांग की कि जिन 350 मकानों को तोड़ने के लिए एनएचएआई ने नोटिस दिया है उनमें करीब 1000 परिवार रह रहे हैं। इन्हें खाली करने के लिए 10 दिन का समय दिया जाए। मंत्री ने उनकी मांगों को मानकर 3 दिन तक कार्रवाई को रुकवा दी। मंत्री ने कहा कि कार्रवाई के लिए कटर का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को तीन दिन में घर खाली करने का समय दिलाने का आश्वासन भी दिया है।