2.55 लाख रुपये ठगे, साइबर थानों में प्राथमिकी दर्ज
अमर उजाला ब्यूराे
गुरुग्राम। साइबर ठगों ने मानेसर क्षेत्र में युवती सहित चार लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। चार मामलों में कुल 2.55 लाख रुपये की ठगी हुई है। पीड़ितों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर अपराध थाना मानेसर में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सेक्टर-86 स्थित पिरामिड सोसाइटी निवासी कीर्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 अप्रैल को उसके पापा पवन शर्मा के व्हाट्सएप से एक मैसेज आया कि वे अस्पताल में भर्ती हैं व 48 हजार रुपये की जरूरत है। व्हाट्सएप पर एक क्यूआर कोड भी भेजा तो उसने रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़िता ने अपने पिता को कॉल करके हालचाल पूछा तो वे ठीक मिले। जब उनके पिता ने अपना मोबाइल देखा तो पता चला कि व्हाट्सएप को हैक करके वारदात को अंजाम दिया गया है। साइबर ठग ने इसके बाद भी पीड़िता को रुपये भेजने के मैसेज किए।
हयातपुर में रहने वाले राजेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2 अप्रैल को उसके एचडीएफसी बैंक खाते से दो बार में 93 हजार रुपये निकल गए। जबकि न तो उनके पास कोई ओटीपी आया और न ही उन्होंने किसी को अपने बैंक खाते संबंधी जानकारी शेयर की थी। पीड़ित ने पुलिस से अज्ञात जालसाज के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
तीसरे मामले में सेक्टर-81 निवासी मृगांक पिल्लई ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे एक आईटी कंपनी में सलाहकार के रूप में काम करते हैं। 8 अप्रैल को एक व्यक्ति ने उनको व्हाट्सएप किया और खुद को आईटी कंपनी का संस्थापक बताया। उनको अमेजन के माध्यम से स्टीम क्रेडिट्स खरीदने के लिए कहा। उस व्यक्ति ने पीड़ित को व्हाट्सएप पर कूपन कोड शेयर करने के लिए कहा तो उन्होंने कर दिए। आरोपी ने तुरंत कोड का प्रयोग कर लिया। आरोपी ने पीड़ित से 62,500 रुपये की ठगी की।
वही, चौथे मामले में मानेसर क्षेत्र के कासन गांव में रहने वाले श्रीनिवास सिंह ने पुलिस को शिकायत दी कि 8 अप्रैल को उनके व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को पेंशन कार्यालय का कर्मचारी बताया और एक एपीके फाइल भेजकर डाउनलोड करने के लिए कहा। जालसाज ने पीड़ित को बताया कि अगर एपीके फाइल डाउनलोड नहीं की तो पेंशन बंद हो जाएगी। पीड़ित द्वारा एपीके फाइल इंस्टॉल करते ही मोबाइल हैंग हो गया और खाते से 51,500 रुपये कट गए। पीड़ित ने पुलिस से अज्ञात जालसाज के खिलाफ कार्रवाई करने व रुपये वापस दिलाने की मांग की है।